नई दिल्ली में 43वें भारतीय तटरक्षक कमांडर्स सम्मेलन का आगाज। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने समुद्री सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत और तटरक्षक बल की भूमिका पर दिया जोर। पढ़ें पूरी खबर।
नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित तटरक्षक मुख्यालय में 43वें भारतीय तटरक्षक कमांडर्स सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और भावी रणनीतियों को तय करने के लिहाज से यह तीन दिवसीय सम्मेलन बेहद अहम माना जा रहा है। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भारत के समुद्री क्षेत्रों में निरंतर और अचूक ऑपरेशनल तैयारियों (Operational Readiness) की सख्त जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों के बीच भारतीय तटरक्षक बल को हर समय हाई अलर्ट मोड में रहना होगा।
तटरक्षक बल के साहसिक कार्यों की सराहना
रक्षा राज्य मंत्री ने अपने संबोधन में तटरक्षक बल के कामकाज की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि तटरक्षक बल ने जिस दृढ़ संकल्प के साथ खोज और बचाव (Search and Rescue) अभियानों को अंजाम दिया है, वह काबिल-ए-तारीफ है। इसके अलावा, समुद्री कानून प्रवर्तन (Maritime Law Enforcement) और समुद्री पर्यावरण संरक्षण के मोर्चे पर भी बल ने सराहनीय काम किया है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि तटरक्षक बल ने केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत' अभियान में भी बहुत सक्रिय और प्रभावी योगदान दिया है।

देश की सुरक्षा वास्तुकला का मुख्य स्तंभ
संजय सेठ ने इस बात को रेखांकित किया कि भारतीय तटरक्षक बल देश की तटीय और समुद्री सुरक्षा वास्तुकला (Maritime Security Architecture) का एक प्रमुख और मजबूत स्तंभ है। तटरक्षक बल के जवान विषम परिस्थितियों में भी देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए मुस्तैदी से डटे रहते हैं। उन्होंने बल के नेतृत्व को याद दिलाया कि राष्ट्र की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था में तटरक्षक की भूमिका आने वाले दिनों में और अधिक व्यापक होने वाली है।

'आत्मनिर्भर भारत' और फोर्स आधुनिकीकरण पर फोकस
सरकार की प्राथमिकताओं को दोहराते हुए रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार फोर्स के आधुनिकीकरण, ऑपरेशनल क्षमताओं के विस्तार और स्वदेशीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत देश में ही अत्याधुनिक जहाजों और विमानों के विकास पर जोर दिया। सेठ ने तटरक्षक के शीर्ष नेतृत्व से आह्वान किया कि वे बदलते समुद्री सुरक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए खुद को ढालें और भविष्य की हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। तटरक्षक बल का आदर्श वाक्य- 'वयं रक्षामः' (हम रक्षा करते हैं)- सम्मेलन का समापन/संदेश तटरक्षक बल के आदर्श वाक्य - 'वयं रक्षामः' (हम रक्षा करते हैं) के साथ हुआ।
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