अभिनेता डिनो मोरिया मीठी नदी की गाद निकासी से जुड़े कथित घोटाले की जांच के सिलसिले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के सामने पेश हुए हैं।
मुंबई (महाराष्ट्र)। अभिनेता डिनो मोरिया शुक्रवार को मुंबई पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे ताकि मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा की जा रही मीठी नदी की गाद निकासी घोटाले की जांच में शामिल हो सकें। मोरिया की इस जांच में संलिप्तता मुंबई में बाढ़ रोकथाम और जल निकासी रखरखाव के लिए आवंटित सार्वजनिक धन के गबन के संदिग्ध ठेकेदारों और अधिकारियों के साथ उनके कथित संबंधों से जुड़ी है।
मुंबई और कोच्चि में 15 स्थानों पर छापेमारी
2025 में, ईडी ने मुंबई और कोच्चि में 15 स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें मोरिया का आवास भी शामिल था। ये छापेमारी उन व्यक्तियों और संगठनों को निशाना बनाकर की गई थी जो कथित तौर पर जांच के दायरे में आए ठेकेदारों और अधिकारियों से जुड़े थे। ये छापेमारी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई थी, क्योंकि एजेंसी वित्तीय कदाचार से जुड़े कथित धन का पता लगाना चाहती थी। मीठी नदी की गाद निकासी परियोजना 2005 की विनाशकारी मुंबई बाढ़ के बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और अन्य नागरिक एजेंसियों द्वारा शुरू की गई थी। इस परियोजना का उद्देश्य मलबा हटाकर और नदी तल का रखरखाव करके बाढ़ प्रबंधन में सुधार करना था।
गाद निकालने के काम की रिपोर्ट में विसंगतियां
बाद की जांचों में कथित तौर पर गाद निकालने के काम की रिपोर्ट और वास्तव में किए गए काम में विसंगतियां पाई गई हैं, जिससे परियोजना निधि के प्रबंधन पर संदेह पैदा हो गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब मोरिया दिशा सालियन हत्याकांड में भी जांच के दायरे में हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट के 2 सितंबर, 2026 के आदेश के बाद, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 14 सितंबर, 2026 को एक नई एफआईआर दर्ज की। यह एफआईआर सालियन के पिता सतीश सालियन द्वारा दिए गए बयान के आधार पर दर्ज की गई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या की गई थी।
उम्रकैद या मौत की सजा की मांग
परिवार के प्रतिनिधि अधिवक्ता नीलेश ओझा के अनुसार, बयान में कई व्यक्तियों के नाम हैं, जिनमें शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे, अभिनेता डिनो मोरिया और सूरज पंचोली, उनके अंगरक्षक रोहन रॉय, रिया चक्रवर्ती, मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह, सचिन वाजे, पूर्व डीसीपी विशाल ठाकुर और मालवानी पुलिस स्टेशन के पूर्व पीआई शामिल हैं। सतीश सालियन ने एएनआई को बताया, "न्याय मिलना ही चाहिए। उन्हें कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। जिस तरह उन्होंने मेरी बेटी की इज्जत लूटी, उसी तरह उनकी भी इज्जत लूटी जाएगी। उन्हें या तो उम्रकैद या मौत की सजा मिलनी चाहिए।"
8 जून, 2020 को हुई थी दिशा सालियन की मौत
उन्होंने आगे कहा, "मैंने अधिकारियों को उन लोगों के नाम बताए जिन्होंने यह अत्याचार किया; मैंने उन्हें सारी जानकारी दी और अपना बयान भी दिया। मैंने आदित्य ठाकरे, दीनो मोरिया, सूरज पंचोली और उनके अंगरक्षकों के नाम बताए, और साथ ही परमबीर सिंह, रिया चक्रवर्ती, सचिन वाजे और कई अन्य लोगों के नाम भी बताए। मैंने उन्हें सारी जानकारी सौंप दी।" दिशा सालियन 8 जून, 2020 को मुंबई में मृत पाई गईं। उनकी मृत्यु को शुरू में आकस्मिक मृत्यु (एडीआर) के रूप में दर्ज किया गया था। उनकी मृत्यु अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु से कुछ दिन पहले हुई थी, जिनकी मृत्यु बाद में एक हाई-प्रोफाइल जांच और सार्वजनिक विवाद का विषय बन गई।
(इनपुट: ANI)
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