लोकप्रिय सीरीज द फैमिली मैन का तीसरा सीजन आखिरकार रिलीज हो गया है। पहले दो सीजन की सफलता के बाद दर्शकों को इस बार भी काफी उम्मीदें थीं।
द फैमिली मैन 3 रिव्यू
लोकप्रिय सीरीज द फैमिली मैन का तीसरा सीजन आखिरकार रिलीज हो गया है। पहले दो सीजन की सफलता के बाद दर्शकों को इस बार भी काफी उम्मीदें थीं। चार साल बाद मनोज बाजपेयी उर्फ श्रीकांत तिवारी और जेके की मजेदार जोड़ी एक बार फिर लौट आई है। नए कलाकारों का तड़का और बड़ा स्केल इस सीजन को और दिलचस्प बनाते हैं, लेकिन अंत में एक कमी जरूर खलती है।
कहानी
इस बार कहानी कई ट्रैकों पर एक साथ चलती है—
- श्रीकांत की निजी जिंदगी
- नागालैंड के कोहिमा में ड्रग्स की तस्करी
- जयदीप अहलावत का रुकमा वाला किरदार
- निमरत कौर की मीरा का एंगल
- और साथ में देश की राजनीति
कहानी कभी तेज पकड़ती है तो कभी ढीली पड़ जाती है। शुरुआत में परिवार का श्रीकांत की नौकरी का सच जानना मजेदार लगता है, लेकिन बाद में वही हिस्सा इमोशनल होकर थोड़ा ज्यादा खिंच जाता है। जहां हल्का बोरियत का एहसास होता है, वहीं श्रीकांत और जेके के मजेदार पल सीरीज को संभाल लेते हैं। कुल मिलाकर कहानी चलती ठीक है, लेकिन आखिरी एपिसोड में क्लाइमेक्स अधूरा-सा लगता है, जैसे 6 घंटे देखने के बाद भी कुछ छूटा रह गया हो।
अभिनय
- मनोज बाजपेयी हमेशा की तरह श्रीकांत में पूरी तरह ढले हुए दिखे। कॉमेडी हो या इमोशन, उनकी टाइमिंग बेहतरीन है।
- शारिब हाशमी (जेके) और मनोज की जोड़ी इस बार भी खूब हंसाती है।
- इस सीजन की असली चमक जयदीप अहलावत हैं। उनका हर सीन दमदार है—डायलॉग डिलीवरी, भाव, और चुप रहने का अंदाज सब कुछ असरदार है।
- प्रियामणी पहले की तरह मजबूत दिखी हैं।
- निमरत कौर अपने नए किरदार में फिट बैठी हैं।
सबका अभिनय बेहतरीन है, कहीं भी कमी नजर नहीं आती।
निर्देशन
राज और डीके का निर्देशन विजुअली शानदार है। नॉर्थ ईस्ट की खूबसूरती को उन्होंने खूब निखार कर दिखाया है। शूटिंग स्टाइल और सिनेमैटोग्राफी बहुत प्रभावी है। लेकिन जहां कमी रह जाती है वह है कहानी का संतुलन और अंत। कई मुद्दों को एक साथ खोलने के बावजूद जवाब अधूरे छोड़ दिए जाते हैं, जिससे दर्शक थोड़ा निराश होते हैं। अगले सीजन के लिए उत्सुकता बनाने के चक्कर में इस सीजन को कमजोर कर दिया गया।
तकनीकी पक्ष
- द फैमिली मैन हमेशा से टेक्निकली स्ट्रॉन्ग रही है।
- सिनेमैटोग्राफी शानदार
- बैकग्राउंड म्यूजिक माहौल मजबूत बनाता है
- एक्शन सीक्वेंस दमदार
तकनीकी स्तर पर सीरीज फिर से टॉप पर है।
देखें या नहीं?
अगर आप इस सीरीज के पुराने दर्शक हैं, तो आप इसे जरूर देखेंगे। फिर भी, देखने लायक है—श्रीकांत, जेके और जयदीप आपको बांधे रखते हैं। बस अंत थोड़ा निराश करता है, क्योंकि जवाब अधूरा छोड़ दिया गया है, लेकिन परफॉर्मेंस और फन मोमेंट्स इसे देखने लायक बनाते हैं।
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