मेघायल में एक अवैध कोयला खदान में हुए भीषण धमाके में 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोगों के अंदर दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
शिलॉन्ग। मेघायल में एक अवैध कोयला खदान में हुए भीषण धमाके में 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोगों के अंदर दबे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक यह हादसा मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के थांगस्कू इलाके में एक संदिग्ध अवैध कोयला खदान में हुआ है।
राहत एवं बचाव अभियान जारी
पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) से मदद मांगी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना के बाद राहत एवं बचाव अभियान जारी है। कुछ ही समय में SDRF टीम पहुंचने वाली है। उन्होंने घटना के संबंध में बताया कि एक घायल मजदूर का रेस्क्यू कर इलाज के लिए नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। बाद में उसे बेहतर उपचार के लिए शिलॉन्ग रेफर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि एक मजदूर की पहचान कटीगारा के बिहारा गांव निवासी के रूप में हुई है।
धमाके के कारणों की जांच जारी
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि संबंंधित अधिकारी धमाके के सही कारणों की जांच कर रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि अवैध रूप से संचालित इस कोयल खदान में धमाके के लिए डायनामाइट का इस्तेमाल हुआ होगा। सूत्रों के मुताबिक, मारे गए मजदूर असम निवासी हो सकते हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसे के समय खदान के अंदर कुल कितने लोग थे और कितने लोग अभी भी फंसे हुए हैं।
NGT ने रैट-होल खनन पर लगाया है प्रतिबंध
उल्लेखनीय है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने साल 2014 में पर्यावरण को नुकसान और सुरक्षा का हवाला देते हुए मेघालय में "रैट-होल कोल माइनिंग" व अन्य गैर-वैज्ञानिक खनन पर प्रतिबंध लगा दिया था। वहीं, इस तरह के माइनिंग के जरिए निकाले गए कोयले के अवैध परिवहन पर भी रोक लगा दी थी। बता दें कि "रैट-होल कोल माइनिंग" कोयला खनन का एक ऐसा तरीका है जिसमें खदान में करीब 3-4 फीट ऊंची पतली सुरग खोदा जाता है। यह सुरंग इतना छोटा होता है कि एक बार में एक व्यक्ति ही आना जाना कर सकता है। इसी सुरंग के माध्यम से मजदूर अंदर से कोयला खोदकर निकालते हैं।
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