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BBC डॉक्यूमेंट्री पर 10 हजार करोड़ की याचिका वापस

मोदी पर बनी BBC डॉक्यूमेंट्री को लेकर 10 हजार करोड़ की याचिका वापस

एनजीओ ‘जस्टिस ऑन ट्रायल’ ने मोदी पर बनी BBC डॉक्यूमेंट्री को लेकर 10,000 करोड़ रुपये हर्जाने की याचिका दिल्ली हाईकोर्ट से वापस ली।

मोदी पर बनी bbc डॉक्यूमेंट्री को लेकर 10 हजार करोड़ की याचिका वापस

₹10,000 Crore Plea Over BBC Documentary Withdrawn |

नई दिल्ली: गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘जस्टिस ऑन ट्रायल’ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बने वृत्तचित्र ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ को लेकर ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) से 10,000 करोड़ रुपये हर्जाना मांगने संबंधी अपनी याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय से वापस ले ली है।

डॉक्यूमेंट्री से देश की प्रतिष्ठा धूमिल करने का आरोप

संगठन ने आरोप लगाया था कि इस वृत्तचित्र से देश की प्रतिष्ठा धूमिल हुई और इसमें प्रधानमंत्री मोदी एवं भारतीय न्यायपालिका के खिलाफ झूठे एवं मानहानिकारक आरोप लगाए गए हैं। न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने याचिकाकर्ता के वकील को मुकदमा वापस लेने की अनुमति देते हुए कहा, ‘‘तदनुसार, आईपीए 1/2023 और इसके साथ दायर मुकदमे को, मांगी गई छूट प्रदान करते हुए, वापस लिया हुआ मानकर खारिज किया जाता है।’’ अदालत ने तीन सितंबर को यह आदेश पारित किया।

नया मुकदमा दायर करने की छूट मांगी

गुजरात आधारित संगठन ‘जस्टिस ऑन ट्रायल’ के वकील ने कहा कि उन्हें ‘इंडिजेंट पर्सन एप्लीकेशन’ (आईपीए) और मुकदमा वापस लेने तथा इसी मामले को लेकर नया मुकदमा दायर करने की छूट का अनुरोध करने के निर्देश मिले थे। एनजीओ ने आईपीए दायर की थी जिसके तहत आर्थिक रूप से असमर्थ व्यक्ति को मुकदमा दायर करने की अनुमति मिलती है।

BBC को पहले जारी किया गया था नोटिस

उच्च न्यायालय ने इससे पहले एनजीओ के आवेदन पर बीबीसी (ब्रिटेन) और बीबीसी (भारत) को नोटिस जारी किए थे। याचिका में कहा गया था कि बीबीसी (ब्रिटेन), ब्रिटेन का राष्ट्रीय प्रसारक है और उसने दो भाग वाला वृत्तचित्र ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ जारी किया था जबकि बीबीसी (भारत) उसका स्थानीय कार्यालय है। वृत्तचित्र के दोनों भाग जनवरी 2023 में प्रसारित किए गए थे।

10 हजार करोड़ रुपये हर्जाने की थी मांग

याचिकाकर्ता ने प्रधानमंत्री, भारत सरकार, गुजरात सरकार और भारत के लोगों की ‘‘प्रतिष्ठा और साख को हुए नुकसान’’ के लिए प्रतिवादियों से एनजीओ के पक्ष में 10,000 करोड़ रुपये हर्जाना दिलाए जाने का अनुरोध किया था। यह वृत्तचित्र 2002 के गुजरात दंगों से संबंधित है, जब मोदी राज्य के मुख्यमंत्री थे। सरकार ने वृत्तचित्र जारी होने के कुछ समय बाद ही उस पर प्रतिबंध लगा दिया था।

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