सरकार ने आधार नम्बर धारकों का व्यक्तिगत डाटा की सुरक्षा के लिए व्यापक उपाय किए हैं। सेंट्रल डाटाबेस से किसी के डाटा का उल्लंघन (सेंध) नहीं हुआ है।
आधार नंबर धारकों के व्यक्तिगत डाटा सुरक्षित
डाटा सुरक्षा के लिए किए गए हैं व्यपक उपाय
नई दिल्ली। सरकार ने आधार नम्बर धारकों का व्यक्तिगत डाटा की सुरक्षा के लिए व्यापक उपाय किए हैं। सेंट्रल डाटाबेस से किसी के डाटा का उल्लंघन (सेंध) नहीं हुआ है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने बुधवार को मंत्रालय ने दुनिया के सबसे बड़े बायोमेट्रिक आइडेंटिटी सिस्टम की सुरक्षा पर जोर दिया।
मंत्रालय ने कहा कि, आधार दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक आइडेंटिटी सिस्टम है, जिसके लगभग 134 करोड़ लाइव आधार होल्डर्स हैं। मंत्रालय ने आगे बताया कि, आधार 16 हजार करोड़ से अधिक ऑथेंटिकेशन ट्रांजेक्शन पूरे किए हैं।
17 दिसंबर को लोकसभा में एक सवाल के जवाब में, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि सरकार के मजबूत टेक्नोलॉजिकल और इंस्टीट्यूशनल सुरक्षा उपायों की वजह से आधार अब भी सुरक्षित है। UIDAI द्वारा जारी किए गए आधार के लगभग 134 करोड़ लाइव आधार नंबर होल्डर हैं। आधार कार्ड के लॉन्च होने के बाद से, इस सिस्टम ने 16 हजार करोड़ से ज्यादा ऑथेंटिकेशन ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस किए हैं। इससे यह दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक आइडेंटिटी प्रोग्राम बन गया है।
मंत्री ने कहा कि UIDAI पर्सनल डेटा की सुरक्षा के लिए 'डिफेंस-इन-डेप्थ' अप्रोच पर आधारित मल्टी-लेयर्ड सिक्योरिटी फ्रेमवर्क को फॉलो करता है। मंत्रालय ने कहा, "इसका मतलब है कि सिस्टम में सुरक्षा के कई लेवल बने हुए हैं, इसलिए अगर एक लेयर से कॉम्प्रोमाइज़ भी होता है, तो दूसरे डेटा को सुरक्षित रखते हैं।"
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