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भारतीय वायु सेना में नया नेतृत्व

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित बने भारतीय वायु सेना के 29वें प्रमुख, संभाली कमान

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने भारतीय वायु सेना के 29वें प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की जगह ली है। जानिए उनका शानदार करियर।

एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित बने भारतीय वायु सेना के 29वें प्रमुख संभाली कमान

Air Chief Marshal Ashutosh Dixit (File Photo) |

नई दिल्ली। एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 31 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायु सेना के 29वें प्रमुख (Chief of the Air Staff) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का स्थान लिया है, जो देश की 42 वर्षों तक गौरवशाली सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुए।

वायु सेना में 40 वर्षों का समृद्ध अनुभव

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के पूर्व छात्र रहे एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। अपने चार दशक लंबे शानदार करियर में उन्होंने ऑपरेशंस, फ्लाइट टेस्टिंग, क्षमता विकास और जॉइंट स्टाफ असाइनमेंट में अपनी दक्षता साबित की है।

3300 से ज्यादा घंटों की उड़ान का अनुभव

एक बेहद कुशल फाइटर पायलट, क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट के रूप में उनके पास 3,300 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। उन्होंने मिराज-2000, मिग के विभिन्न वेरिएंट्स, जगुआर और कई तरह के ट्रांसपोर्ट विमानों को सफलता पूर्वक उड़ाया है।

स्वदेशी लड़ाकू विमानों के आधुनिकीकरण में अहम भूमिका

भारतीय वायु सेना के आधुनिकीकरण में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने जगुआर और मिग-27 के अपग्रेड प्रोजेक्ट्स को अंतिम रूप देने में मुख्य भूमिका निभाई। इसके अलावा स्वदेशी फाइटर जेट एलसीए तेजस (LCA Mk-I Tejas) के इनिशियल और फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस की प्रक्रिया को पूरा कराने में भी उनका बड़ा योगदान रहा।

महत्वपूर्ण कमांड और प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी

अपने करियर के दौरान उन्होंने मिराज-2000 स्क्वाड्रन, पश्चिमी सेक्टर में फॉरवर्ड बेस सपोर्ट यूनिट और फाइटर ट्रेनिंग के प्रमुख केंद्र बीदर एयर फोर्स स्टेशन की कमान संभाली है। 

प्रशासनिक स्तर पर उन्होंने सदर्न एयर कमांड में एयर डिफेंस कमांडर और साउथ वेस्टर्न एयर कमांड में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर के रूप में सेवा दी। डिप्टी चीफ ऑफ द एयर स्टाफ रहते हुए उन्होंने रक्षा खरीद और क्षमता विकास की महत्वपूर्ण रणनीतियों की अगुआई की।

ऑपरेशन सिंदूर से लेकर वाइस चीफ तक का सफर

सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहने के बाद, उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान चीफ्स ऑफ स्टाफ कमिटी के चेयरमैन के तहत चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ की जिम्मेदारी निभाई। वायु सेना प्रमुख बनने से ठीक पहले वे वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ के पद पर तैनात थे।

उच्च शिक्षा और सैन्य सम्मान

आशुतोष दीक्षित डिफेंस सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज (बांग्लादेश) और नेशनल डिफेंस कॉलेज (नई दिल्ली) से स्नातक हैं। देश के प्रति उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM), वायु सेना मेडल (VM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से अलंकृत किया जा चुका है।
(इनपुट: ANI)

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