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जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया

न्यूनतम किराया तय करने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर ऐप आधारित ड्राइवरों की हड़ताल

ऐप-आधारित कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं से जुड़े ड्राइवरों ने गिग वर्कर यूनियनों के देशव्यापी हड़ताल के आह्वान पर शनिवार को अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर हड़ताल किया।

न्यूनतम किराया तय करने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर ऐप आधारित ड्राइवरों की हड़ताल

App-Based Drivers Strike at Jantar Mantar Over Minimum Fares |

नई दिल्ली। ऐप-आधारित कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं से जुड़े ड्राइवरों ने गिग वर्कर यूनियनों के देशव्यापी हड़ताल के आह्वान पर शनिवार को अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर हड़ताल किया। ड्राइवर न्यूनतम बेस किराया तय करने, कुछ पॉलिसी गाइडलाइंस को वापस लेने के की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस मामले में दखल देने की भी मांग की।

अपनी मांगों को लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को लिखा पत्र

विरोध प्रदर्शन के दौरान, तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन के संस्थापक अध्यक्ष शेख सलाउद्दीन ने कहा कि यूनियन ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को दो मुख्य मांगों के साथ एक पत्र लिखा है। इनमें निजी वाहनों को व्यावसायिक उपयोग की अनुमति देने वाले दिशानिर्देशों को वापस लेना और ऐप आधारित परिवहन सेवाओं के लिए न्यूनतम आधार किराया अधिसूचित करना शामिल है।

यूनियन को केंद्रीय मंत्री से नहीं मिला पत्र का जवाब

सलाउद्दीन ने आगे कहा कि यूनियन को केंद्रीय मंत्री से उनके पत्र का कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने आगे कहा कि "देशभर में हमारी दूसरी मांग यह है कि प्लेटफॉर्म कंपनियां खुद किराया तय करती हैं, जो गलत है। किराया राज्यों की सरकारों को तय करना चाहिए, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। हमने इस संबंध में नितिन गडकरी और परिवहन मंत्रालय को पत्र लिखा है, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।"

मांग पूरा नहीं होने पर करेंगे देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन

नेशनल ड्राइवर मोर्चा समिति के सदस्य सुमेर अंबावता ने चेतावनी दी कि अगर मांगों को पूरा नहीं किया गया तो इस महीने के आखिर में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। अंबावता ने बताया कि, "आज सभी ड्राइवर किराए के लिए लड़ रहे हैं। हम सरकार की नीतियों का विरोध करते हैं। अगर सरकार हमारी बात नहीं सुनती है, तो हम 22 और 23 मार्च को देशव्यापी बड़ा विरोध-प्रदर्शन करेंगे। देश के लगभग 6,300 संगठन इसमें हिस्सा लेंगे।

गिग वर्कर्स ने तेलंगाना के मल्लापुर में किया विरोध-प्रदर्शन

सुमेर अंबावता ने आगे कहा कि, "हम चाहते हैं कि सरकार पॉलिसी बनाने में ड्राइवरों का प्रतिनिधित्व करने वाले यूनियन नेताओं को शामिल करे। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्लेटफॉर्म ऐप्स को हमारे किराए 50 प्रतिशत तक कम करने का अधिकार दे दिया है।" इस बीच, गिग वर्कर्स ने भी मांगों के समर्थन में तेलंगाना के मेडचल-मलकाजगिरी जिले के नचाराम के मल्लापुर में विरोध प्रदर्शन किया।

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