2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों में से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में इसी साल नवंबर-दिसंबर में चुनाव कराए जा सकते हैं।
नई दिल्ली: अगले साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों में से 5 राज्यों के चुनाव इसी साल कराए जा सकते हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में इसी साल नवंबर-दिसंबर में चुनाव कराए जा सकते हैं। केंद्र सरकार के सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी से सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर जनवरी 2027 की मतदाता सूची को पहले ही अंतिम रूप दिया जा सकता है।
समय पूर्व चुनाव कराने की संभावना से विपक्षी दलों में मची खलबली
वहीं, जल्द चुनाव कराये जाने की संभावना को लेकर विपक्ष दलों में खलबली मची हुई है। हाल ही में इंडिया ब्लॉक की हुई बैठक में भी इस पर चर्चा हुई थी। अखिलेश यादव और राहुल गांधी के बीच चुनावी रणनीति को लेकर बातचीत की खबर है।
फरवरी में प्रस्तावित है जनगणना का दूसरा चरण
दरअसल, अगले साल फरवरी में जनगणना के दूसरे चरण की शुरुआत प्रस्तावित है। ऐसे में जनगणना के लिए बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की जरूरत होगी, जिससे चुनावी व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। विधानसभा चुनावों के अगले साल कराए जाने से परेशानी बढ़ सकती है। इसी टकराव को देखते हुए केंद्र सरकार 5 राज्यों में निर्धारित समय से पहले चुनाव कराने पर मंथन कर रही है।
बीजेपी ने पार्टी इकाइयों को चुनावी तैयारियां तेज करने के दिए निर्देश
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर इकाइयों को चुनावी तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। बीजेपी नेतृत्व ने राज्य इकाइयों से संगठनात्मक नियुक्तियां और चुनावी तैयारियां जल्द पूरी करने को कहा है। उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड की राज्य इकाइयों ने तैयारियों को लेकर संकेत दिए हैं। हालांकि, चुनाव की तारीखों को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
समय पूर्व फाइनल वोटर लिस्ट को दिया जा सकता है अंतिम रूप
इधर, चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार की ओर से ऐसी कोई सूचना नहीं दी गई है। समय से पहले चुनाव होने पर SIR और वोटर लिस्ट की समस्या नहीं होगी। क्योंकि, चुनावी राज्यों में SIR अंतिम चरण में है। जरूरत पड़ने पर जनवरी में जारी होने वाली फाइनल वोटर लिस्ट को समय पूर्व भी अंतिम रूप दिया जा सकता है।