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सेफ्टी लॉकरों के लिए सिर्फ क्रमिक नॉमिनी की मिलेगी

बैंक खाताधारक एक साथ 4 नॉमिनी बना सकेंगे, नियमों में संशोधन जल्द

भारत में बैंक खाताधारक अब चार व्यक्तियों को नामिनी बना सकेंगे। केन्द्र सरकार इस सुविधा के लिए बैंकिंग कानून में संशोधन करने जा रही है।

बैंक खाताधारक एक साथ 4 नॉमिनी बना सकेंगे नियमों में संशोधन जल्द

बैंक खाताधारक एक साथ 4 नॉमिनी बना सकेंगे, नियमों में संशोधन जल्द

सेफ्टी लॉकरों के लिए सिर्फ क्रमिक नॉमिनी की मिलेगी सुविधा 

नई दिल्ली। 
भारत में बैंक खाताधारक अब चार व्यक्तियों को नामिनी बना सकेंगे। केन्द्र सरकार इस सुविधा के लिए बैंकिंग कानून में संशोधन करने जा रही है। इस साल पहली नवंबर से खाताधारक बैंकों के डिपॉजिट अकाउंट्स और बैंक लॉकरों में एक के बजाय 4 तक नॉमिनी बनाए जा सकेंगे। इससे खाताधारक की मृत्यु के बाद उनके कानूनी वारिसों के बीच विवाद कम करने में मदद मिलेगी।

केन्द्र सरकार की पहल के बाद खाता धारकों एक नई बैंकिंग सुविधा मिलने जा रही है। बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025 के प्रमुख प्रावधान 1 नवंबर, 2025 से लागू हो जाएंगे। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि बैंकिंग लॉज (अमेंडमेंट) एक्ट 2025 के तहत नॉमिनेशन से जुड़े प्रावधान 1 नवंबर से लागू होंगे। इस संशोधन के बाद खाताधारकों को अपनी पसंद के हिसाब से ज्यादा लोगों को नॉमिनी बनाने का मौका मिलेगा और क्लेम सेटलमेंट से जुड़ी दिक्कतें भी घटेगी।

नॉमिनी की नई सुविधा आरबीआई अधिनियम, 1934; बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949; एसबीआई अधिनियम, 1955 और बैंकिंग कंपनियों के अधिग्रहण से जुड़े अधिनियमों में 19 बदलावों का हिस्सा है। ये बदलाव ग्राहकों की सुविधा बढ़ाएंगे और बैंकिंग सेक्टर को अधिक भरोसेमंद बनाएंगे। अभी ग्राहक केवल एक नॉमिनी बना सकते हैं। 

सेफ्टी लॉकरों के लिए केवल क्रमिक नॉमिनी संभव होंगे। यानी समवर्ती नॉमिनी के मामले में ग्राहक हरेक नॉमिनी के लिए हिस्सेदारी या प्रतिशत (कुल 100%) तय कर सकेंगे। इससे धन वितरण पारदर्शी बनेगा। क्रमिक नॉमिनी में पहले वाले नॉमिनी की मृत्यु के बाद ही अगला नॉमिनी एक्टिव होगा, जो विवादों को रोकने में सहायक साबित होगा। यह बदलाव दावा निपटान प्रक्रिया को सरल बनाएगा, पारदर्शिता बढ़ाएगा और परिवारों के लिए सुविधाजनक होगा।

नए नियम में नॉमिनी के नाम डालने, रद्द करने या संशोधन के लिए फॉर्म तय होंगे। ये नियम सभी बैंकों में एकसमान होंगे। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार नॉमिनी जरूरी नहीं है कि कानूनी वारिस भी हो। वारिस का निर्धारण दूसरे कानूनी नियमों से होता है। सेफ कस्टडी और सेफ्टी लॉकर्स के मामले में केवल सक्सेसिव नॉमिनेशन की सुविधा होगी। 1 नवंबर से बैंक कस्टमर साइमल्टेनियस या सक्सेसिव तरीके से 4 तक लोगों को नॉमिनी बना सकेंगे।

मंत्रालय ने कहा, 'इन प्रावधानों के लागू होने से जमांकताओं को अपनी पसंद के हिसाब से नॉमिनेशन में आसानी होगी, साथ ही पूरे बैंकिंग सिस्टम में क्लेम सेटलमेंट के मामले में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।' मंत्रालय ने कहा, बैंकिंग कंपनीज (नॉमिनेशन) रूल्स 2025 में कई नॉमिनेशन करने और कैसल करने से जुड़ी प्रक्रिया बताई गई है और इन्हें आने वाले समय में पब्लिश किया जाएगा, जिससे ये सभी बैंकों में इन प्रावधानों को एकसमान रूप से लागू हो सकें।

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