CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी को गैर-कानूनी बताया है। उन्होंने SEM कोर्ट से रिहाई की मांग करते हुए दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने शनिवार को एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी की वैधता पर तीखा सवाल उठाया है। उन्होंने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट से दिपके को तुरंत रिहा करने की अपील करते हुए इसे कानूनी प्रक्रिया और मौलिक अधिकारों का खुला उल्लंघन करार दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए रत्ना सिंह ने कहा कि अभिजीत दिपके ने केवल आम लोगों से राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) फहराने की अपील की थी। उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह साधारण सा कृत्य अपराध की श्रेणी में कैसे आ सकता है?
गिरफ्तारी पर CJP का तीखा हमला
रत्ना सिंह ने लिखा, "SEM कोर्ट को अभिजीत दिपके को रिहा कर देना चाहिए, क्योंकि उनकी गिरफ्तारी गैर-कानूनी है। उन्होंने तो बस लोगों से तिरंगा फहराने की अपील की थी - भला यह अपने आप में अपराध कैसे हो सकता है?"
दिपके की हिरासत में लिए जाने के तौर-तरीकों पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि दिपके को उनके घर के ठीक बाहर से उठाया गया, लेकिन उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। स्थिति यह है कि उनके वकीलों को भी उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है।
पुलिस हिरासत और मौलिक अधिकारों पर सवाल
उन्होंने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा, "जिस तरह से उन्हें उनके घर के बाहर से उठाया गया, उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई, और उनके वकील भी उनसे नहीं मिल सके - ये बातें कानूनी प्रक्रिया और मौलिक अधिकारों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करती हैं।"
रत्ना सिंह ने आगे कहा कि कानून के शासन से चलने वाले लोकतांत्रिक देश में सत्ता के इस तरह के खुले दुरुपयोग को कतई सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने दो टूक कहा कि दिल्ली पुलिस 'प्रिवेंटिव डिटेंशन' (एहतियातन हिरासत) की आड़ में कोई भी गैर-कानूनी कृत्य को अंजाम नहीं दे सकती।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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