नेशनल वॉर मेमोरियल में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान जान गंवाने वाले छह सुरक्षाकर्मियों के नाम लिखे जाने के बाद कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने सवाल खड़े किए हैं।
नई दिल्ली। नेशनल वॉर मेमोरियल में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान जान गंवाने वाले छह सुरक्षाकर्मियों के नाम लिखे जाने के बाद कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में किसी भी भारतीय सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुँचा।
मनीष तिवारी ने सरकार से मांगा जवाब
मनीष तिवारी ने शनिवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में सरकार से सवाल किया कि क्या क्या संसद को संबोधित करते समय उन्हें तथ्यों की जानकारी नहीं थी? सरकार ने 13 महीने बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' में शहीद होने वाले छह सैनिकों के नाम जारी किए। इनमें सूबेदार मेजर पवन कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, अग्निवीर मुरली नाइक, हवलदार सुनील कुमार सिंह और भारतीय वायु सेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार का नाम शामिल है।
पूरी सच्चाई संसद के सामने रखने की उठाई मांग
तिवारी ने आगे लिखा कि यदि ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित कोई अन्य तथ्य हैं, तो सरकार को आगामी मानसून सत्र के दौरान उन्हें बिना किसी संकोच के संसद के समक्ष स्पष्ट रूप से रखना चाहिए। संघर्ष में आप नुकसान पहुँचाते हैं, लेकिन बदले में नुकसान भी उठाते हैं। यही युद्ध का स्वभाव है और यह अनादि काल से ऐसा ही रहा है। भारत में सत्य को आत्मसात करने की क्षमता है, लेकिन सत्य को पूरी तरह से बताया जाना चाहिए।"
पवन खेड़ा ने भी रक्षा मंत्री के बयान पर खड़े किए सवाल
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तीखी आलोचना की। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में 'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में राजनाथ सिंह के संसदीय भाषण का एक क्लिप साझा किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जवाबी कार्रवाई से जुड़ी हालिया घटनाओं के बाद इस मामले में केवल दो ही संभावनाएँ हैं। या तो रक्षा मंत्री को संसद में बोलते समय यह पता नहीं था कि छह सैनिक पहले ही शहीद हो चुके हैं या फिर तथ्य जानने के बावजूद राजनाथ सिंह ने संसद को गुमराह करने का रास्ता चुना। उल्लेखनीय है कि मई 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ चार दिन तक चले सैन्य अभियान में शहीद हुए छह भारतीय सैनिकों के नाम नई दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल में अंकित किए गए हैं। (Source: ANI)
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