कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और राहुल गांधी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को दावा किया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो दिल्ली नहीं आ रहे हैं और उन्होंने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को मुंबई बुलाया है। X पर एक पोस्ट में खेड़ा ने कहा कि अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ट्वीट का जवाब देते हुए खेड़ा ने कहा, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पुष्टि की है कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो दिल्ली नहीं आ रहे हैं और उन्होंने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को मुंबई बुलाया है। किसी विदेशी सरकार द्वारा भारत की धरती पर भारत के विदेश मंत्री को बुलाना, मोदी सरकार के मानकों के हिसाब से भी एक नई निम्न स्तर की बात है। उन्होंने आगे दावा किया कि इस कदम से विदेश मंत्रालय (MEA) के अधिकारी उथल-पुथल में हैं।
रुबियो की भारत यात्रा पर राहुल गांधी का केंद्र सरकार से सवाल
उन्होंने कहा, हमारे मंत्रालय के एक सूत्र के अनुसार, इससे विदेश मंत्रालय के हमारे अपने अधिकारी 'अत्यंत असमंजस और अव्यवस्था' की स्थिति में हैं। मोदी जी, बेशक, यही कहेंगे कि 'सब ठीक है'। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि विदेश मंत्रालय इस यात्रा को लेकर असमंजस में है। X पर शेयर किए गए एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा, रुबियो ने अपने एक कर्मचारी को मुंबई बुलाया है। पीएम मोदी, विदेश मंत्रालय में आपके अधिकारी असमंजस में हैं कि आखिर हो क्या रहा है। आप शायद इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहें। हां, अगर आप मुझसे स्पष्टीकरण चाहते हैं तो बात अलग है।
ऊर्जा और तकनीकी सहयोग पर रहेगा जोर
अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी एक मीडिया नोट के अनुसार, रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत और उज्बेकिस्तान की यात्रा पर रहेंगे। अपनी भारत यात्रा के दौरान रुबियो मुंबई और जामनगर जाएंगे और द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान करने और ऊर्जा सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ भारतीय सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्री एस जयशंकर के मुंबई में रुबियो से मिलने की संभावना है। गुरुवार को अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि यह यात्रा "थोड़ी अधिक व्यापार-केंद्रित" होगी, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा सहयोग, प्रौद्योगिकी साझेदारी और निवेश के अवसरों पर प्रकाश डाला जाएगा।
रुबियो व्यापारिक नेताओं से करेंगे मुलाकात
अमेरिकी विदेश मंत्री दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापारिक नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। यह रुबियो की इस साल की दूसरी आधिकारिक भारत यात्रा होगी। उनकी पिछली यात्रा 23 से 26 मई तक हुई थी। इससे पहले, सर्जियो गोर ने रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच बढ़ते सहयोग पर प्रकाश डाला और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में बातचीत की थी।
(इनपुट: ANI)
ये भी पढ़ें- 'लहरा दो तिरंगा' रैली से पहले हिरासत में लिए गए अभिजीत दिपके