देश का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 में 7.5 प्रतिशत रह सकती है। हालांकि अगले वित्त वर्ष में इसमें कुछ गिरावट दिख सकती है। इसके 7 प्रतिशत पर आने का अनुमान है।
country's GDP will grow at the rate of 7.5 percent in the financial year 2025-26 |
नई दिल्ली। देश का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 में 7.5 प्रतिशत रह सकती है। हालांकि अगले वित्त वर्ष में इसमें कुछ गिरावट दिख सकती है। इसके 7 प्रतिशत पर आने का अनुमान है। ये आकलन घरेलू रेटिंग एजेंसी "केयरएज" ने एक रिपोर्ट में प्रस्तुत किया है। एजेंसी ने आने वाले दिनों में रूपये में कुछ सुधार की उम्मीद जतायी है।
अगले वित्त वर्ष में है सुस्ती की आशंका, रुपये में सुधार की उम्मीद
"केयरएज" की रिपोर्ट के अनुसार, रूपया हाल के दिनों में गिरकर 91 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर तक आ चुका है। एजेंसी ने आने वाले दिनों में रुपये में कुछ मजबूती की उम्मीद जतायी है। रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026-27 में रुपये के 89-90 रुपये प्रति डॉलर के दायरे में रहने का अनुमान जताया गया है। "केयरएज" रेटिंग्स की चीफ इकोनॉमिस्ट रजनी सिन्हा ने कहा, 'वित्त वर्ष 2026-27 की तरफ कदम बढ़ाते समय भारत का बड़ा इकोनॉमिक आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। बाहरी अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था अगले वित्त वर्ष में करीब सात प्रतिशत की स्वस्थ वृद्धि दर्ज करने में सक्षम रहेगी।' उन्होंने आगे कहा कि मुद्रास्फीति के नियंत्रण में रहने, ब्याज दरों में नरमी आने और टैक्स बोझ में कमी जैसे फैक्टर इकोनॉमी ग्रोथ को सपोर्ट करेंगे। इसके अलावा, संभावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील भी वृद्धि को और रफ्तार दे सकती है।
भारतीय अर्थव्यवस्था का आउटलुक सकारात्मक
"लाइव मिंट" के मुताबिक "केयरएज" की रिपोर्ट में मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में एक्सपोर्ट में एडवांस ऑर्डरों का असर कम होने का अनुमान लगाया है। साथ ही त्योहारों के बाद जिंसों की खपत (कंजम्प्शन) के सामान्य होने की उम्मीद जतायी है। इन वजहों से एजेंसी ने कहा कि वृद्धि दर कुछ धीमी होकर 7 प्रतिशत रह सकती है। इसके बावजूद पूरे वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि 7.5 प्रतिशत रहने की संभावना है। रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में वस्तु निर्यात में करीब एक प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। इसके पीछे टैरिफ वृद्धि के कारण अमेरिका को होने वाले एक्सपोर्ट में आई कमी है।
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