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वकील दीपक खत्री की जमानत याचिका खारिज

UAPA केस में वकील दीपक खत्री को कोर्ट से झटका, शहबाज अंसारी के अवैध हथियार सिंडिकेट मामले में जमानत याचिका खारिज

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने UAPA मामले में वकील दीपक खत्री की दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी। मामला शहबाज अंसारी के कथित अवैध हथियार सिंडिकेट से जुड़ा है।

uapa केस में वकील दीपक खत्री को कोर्ट से झटका शहबाज अंसारी के अवैध हथियार सिंडिकेट मामले में जमानत याचिका खारिज

Court Rejects Advocate Deepak Khatri's Bail Plea in UAPA Arms Syndicate Case |

नई दिल्ली (भारत)। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को वकील दीपक खत्री की जमानत याचिका खारिज कर दी। यह मामला शहबाज अंसारी के कथित अवैध हथियार सिंडिकेट और अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है। दीपक खत्री पर इस मामले में कथित संलिप्तता के आरोप हैं। विशेष UAPA न्यायाधीश किरण बंसल ने आरोपी की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद उसे खारिज कर दिया।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने UAPA के तहत किया था गिरफ्तार

दीपक खत्री, जो खुद को लॉरेंस बिश्नोई की कानूनी टीम का सदस्य बताते हैं, को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई अवैध हथियारों की बड़ी बरामदगी से जुड़े मामले में की गई थी। उन्हें 25 अगस्त को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लुक आउट सर्कुलर (LOC) के आधार पर हिरासत में लिया गया था।

गिरफ्तारी और रिमांड को लेकर उठाए थे सवाल

आरोपी दीपक नंदा उर्फ दीपक खत्री ने अपनी जमानत याचिका में गिरफ्तारी की प्रक्रिया को अवैध बताया था। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 के कथित उल्लंघन का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धाराओं 47 और 48 के उल्लंघन का भी दावा किया था। याचिका में गिरफ्तारी के आधार की जानकारी नहीं देने और कथित अवैध रिमांड को भी चुनौती दी गई थी।

दीपक खत्री की दूसरी जमानत याचिका थी

दीपक खत्री की ओर से दाखिल यह दूसरी जमानत याचिका थी। इससे पहले उनकी पहली जमानत याचिका 14 अक्टूबर 2026 को वापस ले ली गई थी। हालांकि, उस समय उन्हें नई जमानत याचिका दाखिल करने की छूट दी गई थी। इसके बाद उन्होंने दोबारा नियमित जमानत के लिए अदालत का रुख किया, लेकिन विशेष UAPA न्यायाधीश किरण बंसल ने उनकी याचिका खारिज कर दी। (Source: ANI)

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