पश्चिम बंगाल में माकपा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन चाहती है। केरल में केंद्रीय कमिटी की बैठक में इस पर सहमति बनी, लेकिन निर्णय कांग्रेस पर निर्भर है।
पश्चिम बंगाल में माकपा-कांग्रेस गठबंधन की चाह
पश्चिम बंगाल में एसआईआर के तहत वोटरो की सुनवाई की चपेट में राज्य के मंत्री तजमुल हुसैन और आईएसएफ के एकमात्र विधायक नौशाद सिद्दीकी भी आने से बच नहीं पाए। सुनवाई को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ बढ़ रहे आक्रोश में मंत्री और विधायक को नहीं बख्शे जाने का मुद्दा भी जुड़ गया। राज्य के लघु व मध्यम उद्योग के राज्य मंत्री तजमल हुसैन का कहना है कि उन्हें सुनवाई में 29 जनवरी को मौजूद होने की नोटिस थमाई गई है। उन्हें तीन बार विधायक होने के बाद भी इस बात का प्रमाण देना होगा कि वे इस देश के नागरिक हैं। उन्हें चुनाव अधिकारी द्वारा दी गई नोटिस में यग उल्लेख किया गया है कि वोटर लिस्ट में उनके नाम और उनके पिता के नाम में विसंगति पाई गई है। टीएमसी और भाजपा विरोधी आईएसएफ के विधायक नौशाद सिद्दीकी का कहना है कि वे सुनवाई के भयभीत होने वाले नहीं है। उनका वोट का अधिकारी किसी के आर्शीवाद से प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने चुनाव आयोग की ओर से पश्चिम बंगाल में वोटरों के साथ किए जा रहे व्यवहार को जानबूझ कर अव्यवहारिक और परेशान करने वाला बताया और कहा कि इससे उसकी साख गिरती नजर आ रही है।
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