America : अमेरिका द्वारा भारत पर लगाये गये भारी टैरिफ और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए केन्द्रीय बजट 2026 में..
America : अमेरिका द्वारा भारत पर लगाये गये भारी टैरिफ और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए केन्द्रीय बजट 2026 में इस बार जीएसटी की तरह सीमा शुल्क ढांचे में व्यापक सुधार देखने को मिल सकता है। अमेरिका और यूरोपीय देशों में निर्यात के मोर्चे पर सुस्ती को देखते हुए निर्यातक काफी दिनों से इसकी मांग करते आ रहे हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लोकसभा में अपना नौवां लगातार बजट पेश करेंगी। उद्योग जगत को बजट 2026-27 में कई महत्वपूर्ण सुधारों की उम्मीद है। इसमें नया आयकर अधिनियम, सीमा शुल्क में सुधार, और MSME को प्रोत्साहन शामिल हैं। इस बजट को लेकर उम्मीद है कि इसमें जीएसटी ढांचे की तर्कसंगत व्यवस्था की तरह ही सीमा शुल्क व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जाएंगे और बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए और सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बजट में कर्ज और जीडीपी के अनुपात को कम करने पर भी ध्यान दिया जा सकता है, क्योंकि अब भारत का राजकोषीय प्रबंधन केवल घाटे को संभालने के बजाय कर्ज के बोझ को कम करने की दिशा में बढ़ रहा है। व्यक्तिगत करदाताओं के लिए, जिन्हें पिछले साल 12 लाख रुपये तक की आयकर छूट और बाद में जीएसटी दरों में कटौती से बड़ी राहत मिली थी, इस बार मानक कटौती में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
देश में नया और सरल आयकर अधिनियम, 2025, 1 अप्रैल से लागू हो रहा है। उद्योग जगत को उम्मीद है कि बजट में इसके बेहतर समझ के लिए संक्रमणकालीन प्रावधान, नियम और अक्सर पूछे जाने वाले सवालों का रोडमैप सामने आएगा और सरल आयकर अधिनियम 2025 के बारे में बजट में स्पष्ट नियम और दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। साथ ही बजट में कुछ प्रोत्साहन, जैसे कि स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाना, ताकि व्यक्तियों को पुरानी व्यवस्था (जिसमें कई छूट और कटौतियां हैं) से हटाकर नई आयकर व्यवस्था (जिसमें कम दरें हैं लेकिन छूट नहीं) की ओर ले जाया जा सके। टीडीएस की श्रेणियों और दरों को कम करके उन्हें तर्कसंगत बनाना।
केन्द्रीय बजट 2026 में नई कर व्यवस्था को आकर्षक बनाने के लिए कुछ नए प्रोत्साहन दिए जा सकते हैं, ताकि अधिक लोग पुरानी व्यवस्था को छोड़कर नई व्यवस्था को अपनाएं। इसके साथ ही टीडीएस की विभिन्न श्रेणियों और दरों को कम करके उन्हें और सरल बनाया जा सकता है।
बजट में सीमा शुल्क व्यवस्था में सुधार के तहत दरों को कम करने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया जा सकता है। साथ ही विवादों में फंसे लगभग 1.53 लाख करोड़ रुपये को सुलझाने के लिए एक माफी योजना भी लाई जा सकती है।
"विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)" योजना के लिए आवंटन हो सकता है, जिसकी लागत केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में साझा की जाएगी।
बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए बजट आवंटन बढ़ने की संभावना है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विकसित भारत -रोजगार और आजीविका मिशन के तहत केंद्र और राज्यों की भागीदारी वाली एक नई योजना के लिए भी बजट का प्रावधान किया जा सकता है।
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