प्रवर्तन निदेशालय ने कल्पना फाइनेंशियल सर्विसेज और उसके निदेशक अमित मंडल से जुड़े करोड़ों के निवेश धोखाधड़ी मामले में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 10 ठिकानों पर छापेमारी की है।
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 10 परिसरों पर एक साथ छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई कल्पना फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और इसके निदेशक अमित मंडल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक संगीन मामले के तहत की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए यह तलाशी अभियान तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
भुवनेश्वर जोनल ऑफिस की कार्रवाई
ईडी का भुवनेश्वर जोनल कार्यालय धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत इस पूरे तलाशी अभियान को अंजाम दे रहा है। जांच एजेंसी को शक है कि इस फर्जी वित्तीय नेटवर्क के तार कई अन्य राज्यों तक फैले हो सकते हैं, जिसके पुख्ता सबूत जुटाने के लिए दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की गहन जांच की जा रही है।
निवेशकों को दिया गया था बड़े रिटर्न का झांसा
यह पूरा मामला तब सामने आया जब आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज की गई एक एफआईआर के आधार पर ईडी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि यह ठगी का नेटवर्क मुख्य रूप से कल्पना फाइनेंशियल सर्विसेज के बैनर तले चलाया जा रहा था। लोगों को यह लालच दिया गया था कि उनकी गाढ़ी कमाई को शेयर बाजार और विभिन्न ट्रेडिंग गतिविधियों में निवेश किया जाएगा। इसके एवज में उन्हें हर महीने लगभग 3.5 प्रतिशत से 7 प्रतिशत तक के भारी-भरकम और निश्चित रिटर्न का सब्जबाग दिखाया गया था।
120 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का खुलासा
अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इस फर्जी निवेश योजना के जाल में फंसकर आम जनता ने करीब 120 करोड़ रुपये गंवा दिए। शातिर ठगों ने आकर्षक विज्ञापनों और मौखिक वादों के जरिए निवेशकों को अपने जाल में फंसाया था। केंद्रीय जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस ठगी गई भारी-भरकम रकम को किन-किन संपत्तियों और फर्जी कंपनियों में डायवर्ट किया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारियों को लेकर जांच लगातार जारी है।
(इनपुट: ANI)
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