राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि जिन वोटरों का नाम वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट में नहीं आया है, उन्हें घबराने या हताश होने की कोई जरूरत नहीं है।
घबराने की जरूरत नहीं
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि जिन वोटरों का नाम वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट में नहीं आया है, उन्हें घबराने या हताश होने की कोई जरूरत नहीं है। ऐसे वोटर फार्म-6 भरकर आवेदन करें, सुनवाई के बाद उनका नाम वोटर लिस्ट में दोबारा जोड़ा जा सकता है।
हर सही वोटर का नाम जुड़ेगा
मुख्य चुनाव अधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि एक भी वैध मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से नहीं छूटेगा। चुनाव अधिकारी हर स्तर पर वोटरों की मदद करेंगे।
15 जनवरी तक होगी सुनवाई
मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि वोटरों की सुनवाई की प्रक्रिया 15 जनवरी तक चलेगी। इस दौरान सभी आपत्तियों और आवेदनों पर विचार किया जाएगा।
ड्राफ्ट से हटाए गए वोटरों का विवरण
जारी वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट से कुल 58 लाख 20 हजार 899 वोटरों के नाम हटाए गए हैं। इनमें—
- 24 लाख 16 हजार 852 वोटर मृत बताए गए हैं
- 12 लाख 20 हजार 39 वोटर लापता हैं
- 19 लाख 88 हजार 76 वोटर स्थानांतरित बताए गए हैं
- 1 लाख 38 हजार 328 फर्जी वोटर पाए गए हैं
2002 की लिस्ट से मिलान नहीं
पूरे राज्य में 30 लाख 59 हजार 273 ऐसे वोटर हैं, जिनका 2002 की वोटर लिस्ट और मौजूदा वोटर लिस्ट से मिलान नहीं हो सका है।
संदिग्ध जानकारी वाले वोटर
मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि एक करोड़ से अधिक वोटरों की जानकारी संदिग्ध पाई गई है। इन मामलों की अलग से जांच की जाएगी।
वोटरों की संख्या में गिरावट
राज्य में कुल वोटरों की संख्या सात करोड़ 66 लाख से घटकर सात करोड़ आठ लाख रह गई है।
घर-घर जाकर दिया जाएगा नोटिस
मुख्य चुनाव अधिकारी के अनुसार, जिन वोटरों की सुनवाई होनी है उन्हें नोटिस दिया जाएगा। बीएलओ घर-घर जाकर नोटिस पहुंचाएंगे।
जिलाधिकारी कार्यालय में होगी सुनवाई
सुनवाई के लिए तारीख तय की जाएगी। यह प्रक्रिया जिलाधिकारी कार्यालय में चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त ईआरओ और एआरओ के जरिए पूरी की जाएगी। हर विधानसभा क्षेत्र में 10-10 ईआरओ नियुक्त किए जाएंगे।
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