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स्वास्थ्य बीमा क्लेम पर शिकायतों की बाढ़

स्वास्थ्य बीमा पालिसी क्लेम सेटलमेंट में कंपनियां के खिलाफ शिकायतों की बाढ़

भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने स्वास्थ्य बीमा क्लेम में आ रही शिकायतों पर इंश्योरेंस कंपनियों के खिलाफ सख्त रूख अपनाया है।

स्वास्थ्य बीमा पालिसी क्लेम सेटलमेंट में कंपनियां के खिलाफ शिकायतों की बाढ़

क्लेम की पूरी रकम नहीं मिलने की शिकायतें

 IRDAI को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बीमित लोगों को स्वास्थ्य बीमा क्लेम का पूरा पैसा नहीं मिलता। साथ ही क्लेम के लिए बीमा कंपनियों का काफी चक्कर लगाना पड़ता है। भारत में हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम के आंकड़े बताते हैं कि क्लेम सेटलमेंट रेशियो तो ठीक है, लेकिन क्लेम की गई पूरी की पूरी रकम देने में कंपनियों का रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है।  IRDAI ने बीमा कंपनियों को दो टूक कहा है कि वे दावों का निपटारा ईमानदारी, पारदर्शिता और तेजी से करें। क्योंकि क्लेम में होने वाली कटौती से ग्राहकों का भरोसा टूट रहा है। IRDAI इस बात की बारीकी से जांच कर रहा है कि हेल्थ इंश्योरेंस के दावों (क्लेम) का पूरा पैसा क्यों नहीं चुकाया जा रहा है। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि कुल शिकायतों में से आधी से ज्यादा हेल्थ पॉलिसी से ही जुड़ी होती हैं। 

आधे से ज्यादा मामले हेल्थ बीमा से जुड़े
 

बीमा नियामक के चेयरमैन अजय सेठ ने एक कार्यक्रम में कहा कि नियामक बीमाकर्ताओं से दावा निपटान त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से होने की उम्मीद करता है अन्यथा बीमा क्षेत्र का भरोसा कमजोर करेगा। 'बीमा लोकपाल दिवस' के मौके पर IRDAI के चेयरमैन अजय सेठ ने कहा, हेल्थ इंश्योरेंस में हमें लगातार कुछ कमियां दिख रही हैं। भले ही निपटाए गए दावों की संख्या काफी ज्यादा है, लेकिन जो रकम चुकाई जा रही है, वह कई बार उम्मीद से कम होती है।  उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष बीमा भरोसा प्लैटफॉर्म से 2.57 लाख बीमाधारकों ने शिकायतें दर्ज कीं। इनमें से 99% से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया है। इरडाई के चेयरमैन ने कहा, 'लेकिन हमें इन औसत उपलब्धियों से आत्मसंतुष्ट नहीं होना चाहिए।' उन्होंने बीमा कंपनियों से क्लेम निपटाने में ईमानदारी और पारदर्शिता बरतने को कहा। वित्त वर्ष 2024 में मिली 53.230 शिकायतों में से 54% हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर से जुड़ी थीं।

"बिजनेस स्टैंडर्ड" की रिपोर्ट के अनुसार सामान्य और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों ने वित्त वर्ष 25 के दौरान 3.26 करोड़ स्वास्थ्य बीमा दावों का निपटान किया और स्वास्थ्य बीमा दावों के निपटान के लिए 94,247 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया। इस दौरान बीमा उद्योग ने कुल मिलाकर वित्त वर्ष 25 में 8.36 लाख करोड़ रुपये के दावों का निपटान किया। इसी अवधि के दौरान उद्योग ने 11.93 लाख करोड़ रुपये के प्रीमियम एकत्र किए, इसमें जीवन बीमा क्षेत्र ने लगभग 8.86 लाख करोड़ रुपये और शेष राशि सामान्य व स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं  की थी।

बीमा की पहुंच बढ़ाने पर जोर
 

श्री सेठ ने इस डाटा को उद्धृत करते हुए कहा, ‘इस प्रगति के बावजूद हमें उन कमियों के बारे में स्पष्ट होना चाहिए जो अभी भी बनी हुई हैं। बीमा की पहुंच अभी भी कम है। विस्तार के बावजूद, बीमा के दायरे में आने वाले लोगों की संख्या को तेजी से बढ़ने की जरूरत है।’ उन्होंने कहा कि उद्योग को बीमा की पहुंच का दायरा बढ़ाने के लिए अधिक कार्य करने की जरूरत है, यह खासकर वंचित ग्रामीण, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और महिलाओं के क्षेत्र में हो।

 

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