हरदीप सिंह पुरी ने कहा, कि यदि कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती पर विचार किया जा सकता है।
नई दिल्ली,(भारत)। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, कि अगर आगे कच्चे तेल की कीमत स्थिर रहती हैं, तो खुदरा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की जा सकती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हरदीप सिंह पुरी ने तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनियों ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए भारी आर्थिक बोझ उठाया है। उन्होंने बताया, कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी को लागत से कम कीमत पर बेचने के कारण ओएमसी को करीब 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान और कम वसूली झेलनी पड़ी। पुरी ने कहा, कि कंपनियों पर वास्तविक वित्तीय दबाव इससे भी कहीं अधिक रहा है।
कीमतें स्थिर रही, तो पेट्रोल और डीजल के दाम घटा सकते हैं
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई हालिया नरमी का जिक्र करते हुए पुरी ने कहा, कि यदि अगले कुछ सप्ताह तक कीमतें मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं, तो पेट्रोल और डीजल के दाम घटाने के बारे में सोचा जा सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया, कि फिलहाल भविष्य की कीमतों को लेकर कोई अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। इस दौरान मंत्री ने सरकार की स्वच्छ ऊर्जा नीति का भी समर्थन किया और E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही आशंकाओं को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा, कि इस संबंध में कई भ्रामक और मनगढ़ंत बातें फैलाई जा रही हैं, जबकि वास्तविक तथ्यों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
E20 ईंधन मिश्रण के प्रभाव बेहद सीमित
E20 ईंधन मिश्रण को लेकर उठी वाहन के प्रदर्शन और माइलेज से जुड़ी चिंताओं पर हरदीप सिंह पुरी ने कहा, कि इससे होने वाला प्रभाव बेहद सीमित है और इसके लाभ अधिक महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने स्वीकार किया, कि माइलेज में मामूली कमी हो सकती है, लेकिन यह कई अन्य तकनीकी कारणों से भी प्रभावित होता है। पुरी ने यह भी कहा, कि इथेनॉल मिश्रण का उपयोग उच्च-प्रदर्शन इंजनों और रेसिंग कारों में भी किया जाता है, जिससे त्वरण और इंजन नॉकिंग जैसे पहलुओं में सुधार देखा जाता है।
भविष्य में कोई भी बदलाव पूरी तरह वैज्ञानिक परीक्षणों के आधार पर
उन्होंने वाहन बीमा को लेकर फैली अफवाहों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया, कि बीमा कंपनियों ने E20 ईंधन पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। साथ ही, उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने वैकल्पिक ऊर्जा पर 15 पन्नों का विस्तृत दस्तावेज तैयार किया है, जिसमें भारत और दुनिया में जैव ईंधन के विकास का पूरा विवरण शामिल है। पुरी ने यह भी कहा, कि E20 मानक व्यापक परामर्श और परीक्षणों के बाद लागू किया गया है, जिसमें SIAM और ARAI जैसी संस्थाएं शामिल हैं, और भविष्य में किसी भी बदलाव को भी पूरी तरह वैज्ञानिक परीक्षणों के आधार पर ही आगे बढ़ाया जाएगा। (ANI)
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