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जाति-धर्म की राजनीति में उलझी सरकारें: मायावती

केन्द्र व राज्य सरकार सिर्फ जाति और धर्म के नाम पर राजनीति में व्यस्त - मायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने केन्द्र व राज्य सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकारें जनहित के मुद्दों पर काम करने के बजाय जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करती हैं।

केन्द्र व राज्य सरकार सिर्फ जाति और धर्म के नाम पर राजनीति में व्यस्त -  मायावती

Bahujan Samaj Party |

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने केन्द्र व राज्य सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकारें जनहित के मुद्दों पर काम करने के बजाय जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करती हैं। इससे समाज में नफरत की भावना बढ़ रही है, जो देश के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि जाति-धर्म की आड़ में आपस में लड़वाना गलत है। बसपा प्रमुख मायावती लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संबोधित कर रही थीं। बसपा प्रमुख ने बैठक में एक बार फिर कहा की पार्टी अगला विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी और पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। 

पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया

मायावती ने अपने पुराने वोटबैंक ब्राह्मणों को एक बार फिर अपने साथ जोड़ने के संकेत देते हुए कहा कि इस सरकार में यह बिरादरी खुद को अपमानित महसूस कर रही है। यूजीसी को लेकर हुए आंदोलनों और ओटीटी प्लेटफॉर्म "नेटफ्लिक्स" पर आने वाली फिल्म "घूसखोर पंडित" की चर्चा करते हुए मायावती ने कहा कि, "वैसे तो बीजेपी सरकार से, कुछ मुट्ठीभर उन लोगों को छोड़कर, जिनके स्वार्थ की पूर्ति हर प्रकार से हो रही है, समाज के हर वर्ग के लोग काफी ज्यादा दुखी व त्रस्त हैं। किन्तु ख़ासकर ब्राह्मण समाज अपनी उपेक्षा, असुरक्षा व असम्मान आदि के विरुद्ध काफी मुखर है और जिसकी चर्चा देश भर में है, जबकि बसपा ने सर्वसमाज के साथ-साथ उन्हें भी पूरा-पूरा आदर-सम्मान, पद व न्याय दिया।

ब्राह्मण समाज को लेकर दिए अहम संकेत

मायावती ने बैठक में कहा कि अब 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं। इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को अभी से पूरी ताकत से तैयारी करनी होगी। उन्होंने बताया कि SIR यानी मतदाता सूची के संशोधन के कारण पार्टी का काम कुछ प्रभावित हुआ था। अब उन अधूरे कामों को जल्द पूरा किया जाएगा। एसआईआर प्रक्रिया में पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने और नए मतदाताओं को जोड़ने का निर्देश दिया गया है। मायावती ने हुए कहा कि मौजूदा सरकारों में गरीब, दलित, शोषित, वंचित, मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यक वर्गों की हालत दयनीय बनी हुई है। किसान, मजदूर और व्यापारी भी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि पिछली और मौजूदा सरकारों ने इन वर्गों के हितों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सिर्फ जातियों को आपस में लड़ाने का काम हो रहा है। बैठक में प्रदेश भर से पार्टी के जिला अध्यक्ष, 403 विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी और पदाधिकारी शामिल हुए। यह बैठक पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति पर केंद्रित थी। यह महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के मद्देनजर आयोजित की गयी थी। 

विपक्षी दलों पर साजिश का आरोप

मायावती ने अपने संबोधन में विपक्षी पार्टियों पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ दल बसपा को कमजोर करने के लिए साजिशें रच रहे हैं। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को इन साजिशों से सावधान रहने और सक्रिय रहने की हिदायत दी। मायावती ने कहा कि बसपा को मजबूत बनाने के लिए सभी स्तर पर काम तेज करना होगा। बैठक में मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि गरीब, दलित, शोषित, वंचित, मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यक वर्गों की हालत दयनीय बनी हुई है। किसान, मजदूर और व्यापारी भी परेशान हैं। पिछली और मौजूदा सरकारों ने इन वर्गों के हितों पर ध्यान नहीं दिया। मायावती ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकारें जनहित के मुद्दों पर काम करने के बजाय जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करती हैं। इससे समाज में नफरत की भावना बढ़ रही है, जो देश के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि जाति-धर्म की आड़ में आपस में लड़वाना गलत है।

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