आर्टिलरी रेजिमेंट ने ऑपरेशन विजय की 27वीं वर्षगांठ पर द्रास से विशेष मोटरसाइकिल अभियान शुरू किया, जो वीर जवानों को समर्पित है।
द्रास (लद्दाख): भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता, बलिदान और अदम्य साहस को श्रद्धांजलि देने के लिए आर्टिलरी रेजिमेंट ने ऑपरेशन विजय की 27वीं वर्षगांठ और रेजिमेंट के 200 गौरवशाली वर्षों के उपलक्ष्य में कारगिल युद्ध स्मारक, द्रास से एक विशेष मोटरसाइकिल अभियान की शुरुआत की।
20 जवानों ने शुरू की ऐतिहासिक यात्रा
कारगिल युद्ध में हिस्सा लेने वाली इकाइयों से चुने गए 20 मोटरसाइकिल सवार इस अभियान में शामिल हैं। यह यात्रा लद्दाख के ऐतिहासिक युद्धक्षेत्रों, तोपखाने क्षेत्रों और सीमावर्ती घाटियों से होकर गुजरेगी। इस दौरान राइडर्स वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि देंगे और देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे सैनिकों को सम्मानित करेंगे।
द्रास युद्ध स्मारक से हुआ शुभारंभ
इस मोटरसाइकिल अभियान को कारगिल युद्ध स्मारक, द्रास से आर्टिलरी ब्रिगेड के उप जीओसी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर डीसी द्रास, पार्षद अब्दुल समद, एनसीसी कैडेट्स, सेना के अधिकारी, जवान और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। ध्वजारोहण समारोह ने भारतीय सेना और लद्दाख के लोगों के बीच मजबूत रिश्ते को भी दर्शाया।
आर्टिलरी रेजिमेंट की विरासत को किया याद
यह कार्यक्रम आर्टिलरी रेजिमेंट के अतिरिक्त महानिदेशक और कर्नल कमांडेंट मेजर जनरल अरविंद यादव, वीएसएम के नेतृत्व में आयोजित किया गया। राइडर्स लद्दाख के अलग-अलग हिस्सों और घाटियों से गुजरते हुए ऑपरेशन विजय से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा करेंगे और स्थानीय लोगों से भी संवाद करेंगे।
कारगिल के वीरों को समर्पित अभियान
यह अभियान कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों के साहस, बलिदान और दृढ़ संकल्प की याद दिलाता है। साथ ही यह आर्टिलरी रेजिमेंट की गौरवशाली परंपराओं और विरासत को भी प्रदर्शित करता है। "सर्वत्र इज्जत-ओ-इकबाल" की भावना के साथ राइडर्स उन कठिन इलाकों से गुजरेंगे, जहां भारतीय सेना ने अदम्य साहस का परिचय दिया था।
14 अगस्त को होगा अभियान का समापन
मोटरसाइकिल अभियान लद्दाख में अपनी यात्रा जारी रखेगा और 14 अगस्त को समापन समारोह के साथ समाप्त होगा। इस अवसर पर ध्वजारोहण समारोह का संचालन लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना द्वारा किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
द्रास में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बड़ी संख्या में लोग कारगिल युद्ध में शामिल सैनिकों के सम्मान और श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे। यह अभियान भारतीय सैन्य इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय को याद करने के साथ-साथ कारगिल युद्ध के नायकों और देश की सुरक्षा के लिए समर्पित सैनिकों को सम्मान देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
(एएनआई)
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