निवर्तमान IAF प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने नेशनल वॉर मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित की। 31 अक्टूबर को एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित नए वायु सेना प्रमुख का पद संभालेंगे।
नई दिल्ली (भारत)। भारतीय वायु सेना (IAF) के निवर्तमान प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वे 25 महीने के कार्यकाल के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके स्थान पर एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित 31 अक्टूबर को भारतीय वायु सेना के नए प्रमुख का पदभार संभालेंगे। कमान सौंपने से पहले एपी सिंह ने नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
31 अक्टूबर को आशुतोष दीक्षित संभालेंगे वायु सेना की कमान
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित शनिवार (31 अक्टूबर) को नए वायु सेना प्रमुख का कार्यभार संभालेंगे। वे एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की जगह लेंगे, जो 25 महीने तक इस पद पर सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। एपी सिंह को अब तक तीन आधिकारिक विदाई दी जा चुकी हैं। इनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से आयोजित विदाई भी शामिल है। उनकी अंतिम विदाई शनिवार को निर्धारित की गई है, जिसमें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया जाएगा। यह उनके कार्यकाल का आखिरी दिन होगा।
स्वदेशी रक्षा परियोजनाओं को बढ़ावा देने में रही अहम भूमिका
नए वायु सेना प्रमुख बनने जा रहे एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायु सेना में स्वदेशी रक्षा प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने के प्रयासों से जुड़े रहे हैं। इनमें लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस और अन्य स्वदेशी विमान परियोजनाएं शामिल हैं। उनसे रक्षा क्षेत्र में सरकार की आत्मनिर्भरता पहल को और मजबूत करने की उम्मीद है। स्वदेशी रक्षा तकनीक और विमान परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
1986 में फाइटर स्ट्रीम से शुरू हुआ था करियर
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। वे नेशनल डिफेंस एकेडमी, बांग्लादेश के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। उनके पास 3,500 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल और स्टाफ पदों पर जिम्मेदारियां निभाई हैं।
मिराज-2000 स्क्वाड्रन और फाइटर बेस की संभाली कमान
कमांडिंग ऑफिसर के रूप में एयर मार्शल दीक्षित ने 'नंबर 9 स्क्वाड्रन' को मिराज-2000 विमानों से फिर से सुसज्जित किया। इसके बाद उन्होंने पश्चिमी सेक्टर में एक फ्रंटलाइन फाइटर एयर बेस और दक्षिणी सेक्टर में एक प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान संभाली। उन्होंने दक्षिणी वायु कमान (Southern Air Command) में एयर डिफेंस कमांडर के रूप में भी सेवाएं दीं। इसके अलावा, एयर हेडक्वार्टर (वायु भवन) में असिस्टेंट चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (प्रोजेक्ट्स) और असिस्टेंट चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (प्लान्स) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी काम किया।
कई सैन्य सम्मानों से सम्मानित हो चुके हैं आशुतोष दीक्षित
राष्ट्र के प्रति विशिष्ट सेवाओं के लिए एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को कई सैन्य सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें वर्ष 2006 में वायु सेना पदक, 2011 में विशिष्ट सेवा पदक और 2023 में अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, वर्ष 2026 में उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक भी प्रदान किया गया। अब वे 31 अक्टूबर को भारतीय वायु सेना के नए प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।
यह भी पढ़ें: गोरखपुर AIIMS की निदेशक को इलाज के लिए जाना पड़ा निजी अस्पताल, कैथ लैब की कमी पर अखिलेश यादव ने उठाए सवाल