वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA गठबंधन के नेताओं ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में दो दिनों के उग्र प्रदर्शनों के बाद, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत प्रमुख INDIA गठबंधन के नेताओं ने गुरुवार को राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह विरोध प्रदर्शन निर्वाचन आयोग (EC) की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।
विपक्ष का लगातार तीसरा दिन विरोध प्रदर्शन
मंगलवार को निर्वाचन सदन तक मार्च निकालने और बुधवार को जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन करने के बाद, विपक्षी सांसदों के विरोध का यह तीसरा लगातार दिन रहा। इसके बाद सांसद बसों में सवार होकर राजघाट की ओर रवाना हुए।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) और सांसद केसी वेणुगोपाल ने विपक्ष के इस कदम के राजनीतिक और वैचारिक महत्व को रेखांकित करते हुए मीडिया से कहा, "यह सबसे बड़ा संदेश है जो हम दे रहे हैं। महात्मा गांधी ने भारत के लिए स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी थी। मोदी और शाह ने ज्ञानेश कुमार के जरिए पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। हम यहां महात्मा से प्रार्थना करने आए हैं। यह सबसे शक्तिशाली आंदोलनों में से एक है। हम आपको आगे की रणनीति की जानकारी देंगे।"
लोकतंत्र और संविधान खत्म करने का गंभीर आरोप
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए कहा कि पूरा देश इस मांग के पीछे एकजुट है और केंद्रीय नेतृत्व को जनता की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने कहा, "आज पूरा देश एकजुट है। देश ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। प्रधानमंत्री को देश के सामने झुकना चाहिए और यह याद रखना चाहिए कि उन्होंने खुद को 'प्रधानसेवक' कहा था। प्रधानमंत्री होने के नाते उन्हें देश की आवाज सुननी चाहिए और चुनाव आयोग की मदद से धोखे से चुनाव जीतने की कोशिश छोड़ देनी चाहिए।"
तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने दावा किया कि नागरिकों से उनका मताधिकार छीना जा रहा है। उन्होंने कहा, "इस देश के हर नागरिक को वोट देने का अधिकार है। यही इस लोकतंत्र की खूबसूरती है। किसी भी लोकतंत्र की मूल विशेषता अपने नागरिकों को मतदान का अधिकार देना है, जिससे वे अपनी सरकार खुद चुनते हैं। आज वह अधिकार छीना जा रहा है। इसका सीधा मतलब है कि आप लोकतंत्र पर सीधा हमला कर रहे हैं।"
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर खड़े किए सवाल
उन्होंने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी अपनी पार्टी के लिए नहीं, बल्कि देश के नागरिकों के मौलिक अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग का मूल कर्तव्य देश के नागरिकों के बीच विश्वास और भरोसा पैदा करना है। लेकिन आज हर मतदाता आयोग पर संदेह व्यक्त कर रहा है। एक बार जब यह संदेह पैदा हो जाए, तो क्या मुख्य चुनाव आयुक्त का यह कर्तव्य नहीं बनता कि वह पद छोड़ें और देश से माफी मांगें?"
इससे पहले पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "हम, INDIA गठबंधन के सदस्य, गांधी स्मारक पर शांतिपूर्ण धरना देने जा रहे हैं। हम वहां बैठकर यह प्रार्थना करेंगे कि भाजपा सरकार, विशेष रूप से पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को यह सद्बुद्धि मिले कि उनके कार्य राष्ट्रहित में नहीं हैं। चाहे वोट चोरी का मुद्दा हो, बढ़ती महंगाई हो, युवाओं की समस्याएं हों या उनके द्वारा पैदा किया गया कोई अन्य संकट, सब कुछ जनहित के विरुद्ध है।"
पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, CEC ज्ञानेश कुमार और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर एक आपराधिक साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया और आश्वासन दिया कि उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
उन्होंने कहा, "करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं। हमें पिछले दो दिनों से प्रदर्शन नहीं करने दिया जा रहा है। पहले दिन उन्होंने हमें चुनाव आयोग के सामने रोका; अगले दिन हमें जंतर-मंतर के पास रोक दिया गया। हमारे लोगों को पीटा गया। वास्तविकता यह है कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार और मोहन भागवत ने एक आपराधिक साजिश के तहत भारत का अपहरण कर लिया है, संविधान को नष्ट कर दिया है और 'वोट चोरी' की है। इस पर कार्रवाई होगी, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा; यह हमारी गारंटी है।"
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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