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चीन को भारत की दो टूक

'अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है', चीन को भारत की दो टूक

Randhir Jaiswal : भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है.

अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है चीन को भारत की दो टूक

'अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है', चीन को भारत की दो टूक |

Spokesperson Randhir Jaiswal : भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है और यह एक ऐसा तथ्य है, जो स्वयंसिद्ध है. चीन और पाकिस्तान के बयानों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रतिक्रिया दी है.

 

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि चीनी पक्ष द्वारा किसी भी प्रकार का इनकार इस निर्विवाद वास्तविकता को बदलने वाला नहीं है. हमने इस मामले को उठाया था, जब यह घटना घटी, तब हमने बीजिंग और दिल्ली, दोनों जगहों पर चीनी पक्ष के साथ कड़ा विरोध जताया था.

उन्होंने कहा कि मैं दोहराना चाहता हूं कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द बनाए रखना भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर और समग्र विकास के लिए एक पूर्वापेक्षा है. इस संबंध में हमारा रुख हमेशा बहुत स्पष्ट और सुसंगत रहा है. अक्टूबर 2024 से दोनों पक्ष सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.

जन-केंद्रित संबंधों पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रगति

प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इसी आधार पर जन-केंद्रित संबंधों पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रगति हुई है. अरुणाचल प्रदेश के एक भारतीय नागरिक को शामिल करते हुए चीन द्वारा की गई मनमानी कार्रवाई, दोनों पक्षों द्वारा आपसी विश्वास और समझ बनाने और द्विपक्षीय संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए बेहद अप्रभावी है.

प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने व्यक्त किए गए बयानों को देखा है और उन्हें उस घोर अवमानना के साथ खारिज करते हैं, जिसके वे हकदार हैं. एक ऐसा देश, जिसका रिकॉर्ड सांप्रदायिकता, दमन और अपने अल्पसंख्यकों के सुनियोजित उत्पीड़न से गहराई तक दागदार है, पाकिस्तान को दूसरों को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. कपटी प्रवचन देने के बजाय पाकिस्तान को चाहिए कि वह अपने भीतर झाँके और अपने दयनीय मानवाधिकार रिकॉर्ड पर ध्यान केंद्रित करे.

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