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एक्सपोर्ट में 15% की बढ़ोतरी

भारत के एक्सपोर्ट में 15% की बढ़ोतरी, 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य: पीयूष गोयल

भारत के एक्सपोर्ट में चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में करीब 15% की बढ़ोतरी हुई है। पीयूष गोयल ने 1 ट्रिलियन डॉलर के एक्सपोर्ट लक्ष्य और वैश्विक बाजार में भारतीय ब्रांड मजबूत करने पर जोर

भारत के एक्सपोर्ट में 15 की बढ़ोतरी 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य पीयूष गोयल

India Targets $1 Trillion Exports as Growth Reaches 15%: Piyush Goyal |

नई दिल्ली (भारत)। भारत ने एक्सपोर्ट के मोर्चे पर बड़ी छलांग लगाते हुए चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत ने इस साल 1 ट्रिलियन डॉलर के एक्सपोर्ट का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कारोबारियों से वैश्विक बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने, प्रतिस्पर्धा मजबूत करने और भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता व ब्रांड पर भरोसा कायम करने की अपील की।

पिछले साल भारत ने किया 863 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड एक्सपोर्ट

इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (ITPO) और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) द्वारा आयोजित 'भारतीय व्यापार महोत्सव 2026' में बोलते हुए, गोयल ने कहा कि भारत ने पिछले साल रिकॉर्ड 863 बिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट किया था, जिसमें 442 बिलियन डॉलर का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट और 421 बिलियन डॉलर का सर्विस एक्सपोर्ट शामिल था। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में एक्सपोर्ट में लगभग 73 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

ग्लोबल अनिश्चितता के बीच 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य हासिल करना बड़ी चुनौती

गोयल ने कहा, "863 से एक ट्रिलियन तक पहुंचना एक बड़ी छलांग है।" उन्होंने कहा कि ग्लोबल अनिश्चितता और चल रहे संघर्षों के बीच इस लक्ष्य को हासिल करना महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि साल के पहले चार महीनों में भारत के एक्सपोर्ट में वृद्धि ग्लोबल मार्केट में देश की बढ़ती ताकत का संकेत है। उन्होंने कहा, "मैं इन चार महीनों में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि देख रहा हूं।"

नौ FTA से 60 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्थाओं तक पहुंच का दावा

गोयल ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTAs) के माध्यम से भारत की व्यापार पहुंच के विस्तार पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में हस्ताक्षरित नौ FTA उन अर्थव्यवस्थाओं को कवर करते हैं जिनकी संयुक्त GDP 60 ट्रिलियन डॉलर है और ये भारत को 25 ट्रिलियन डॉलर के अंतरराष्ट्रीय व्यापार तक विशेष पहुंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि देश के एक्सपोर्ट में वृद्धि के लिए मैन्युफैक्चरर्स, MSME, किसानों, मछुआरों और सर्विस सेक्टर की अधिक भागीदारी की आवश्यकता होगी।

भारत में बने सामान के इस्तेमाल से उत्पादन और व्यापार बढ़ाने पर जोर

गोयल ने कहा, "जब भारत में लोग भारत में बने सामान का इस्तेमाल करेंगे, तो इससे नए अवसर पैदा होंगे। जब भारतीय दुनिया के बाजारों में जाना शुरू करेंगे, तो हम बड़े पैमाने पर उत्पादन और व्यापार बढ़ाएंगे और 'इकोनॉमीज़ ऑफ़ स्केल' (बड़े पैमाने पर उत्पादन से होने वाले लाभ) का फायदा उठाएंगे।" उन्होंने बिज़नेस करने वालों से अपने कामकाज के तरीकों को बेहतर बनाने को भी कहा, क्योंकि भारत दुनिया भर में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है।

कारोबार में डिजिटलाइजेशन, बेहतर मैन्युफैक्चरिंग और सस्टेनेबिलिटी पर जोर

उन्होंने कहा, "हम सभी अपने बिज़नेस को डिजिटल बनाएंगे। हम सभी मैन्युफैक्चरिंग के अच्छे तरीके अपनाएंगे। हम सभी सही तरीके से व्यापार करेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि बिज़नेस करने वालों को सस्टेनेबिलिटी, रीसाइक्लिंग, दोबारा इस्तेमाल और सर्कुलर इकॉनमी बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए।

'मेड इन इंडिया' से आगे भारतीय क्वालिटी और ब्रांड पर भरोसा बनाने की अपील

गोयल ने कहा कि भारत को सिर्फ़ "मेड इन इंडिया" लेबल को बढ़ावा देने से आगे बढ़कर भारतीय उत्पादों के लिए दुनिया भर में भरोसा बनाना चाहिए।उन्होंने कहा, "हम सब मिलकर भारत को सिर्फ़ एक लेबल नहीं, बल्कि भारत की क्वालिटी, भारत की डिज़ाइन क्षमता और भारत का ब्रांड बनाएंगे।" गोयल ने यह भी कहा कि भारत की इकॉनमी, जिसे उन्होंने 4 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बताया, 2047 तक कम से कम 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच सकती है, जिसमें ज़्यादा प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट से रोज़गार के नए मौके बनेंगे। (Source: ANI)

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