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भारतीय उत्पादों के लिए खुलेगा यूरोप का द्वार

भारत-ब्रिटेन एफटीए से खुलेगा व्यापार का नया रास्ता, मई में लागू हो सकता है FTA

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिकी टैरिफ के दबाव के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर आयी है। भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) मई के दूसरे सप्ताह से लागू होने की उम्मीद है।

भारत-ब्रिटेन एफटीए से खुलेगा व्यापार का नया रास्ता मई में लागू हो सकता है fta

India-UK FTA to Boost Trade and Ease Export Pressure |

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिकी टैरिफ के दबाव के बीच यूरोपीय देश ब्रिटेन से भारत के लिए अच्छी खबर आयी है। भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) मई के दूसरे सप्ताह से लागू होने की उम्मीद है। इससे दोनों देशों के बीच व्यपारिक बाधाएं कम होंगी और खाड़ी संकट के बीच भारतीय निर्यातकों को नये बाजार तलाशने में मदद मिलेगी।

सीईटीए समझौते से 99% भारतीय निर्यात होगा ड्यूटी फ्री

याद रहे कि भारत और ब्रिटेन ने गत 24 जुलाई, 2025 को वृहद आर्थिक और व्यापार करार मैक्रोइकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट्स (सीईटीए) पर साइन किए थे। इसके तहत 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात शून्य शुल्क पर ब्रिटेन के बाजार में जाएगा। वहीं भारत कार और शराब जैसे ब्रिटिश उत्पादों पर शुल्क दरें घटाएगा। यह समझौता विशेष रूप से टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और आईटी सेवाओं जैसे क्षेत्रों को लाभ पहुंचा सकता है, जो उच्च अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित हो सकते हैं। अमेरिका द्वारा भारत पर लगाये गये टैरिफ के जवाब में भारत द्वारा यूरोपीय देशों के साथ मिलकर किया गया यह एग्रीमेंट एक बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक उपलब्धि मानी जा रही है।

दोहरा कराधान खत्म, कामगारों को मिलेगी बड़ी राहत

केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि, 'हमें उम्मीद है कि यह समझौता मई के दूसरे सप्ताह से लागू हो जाएगा।' दोनों देशों ने दोहरा योगदान संधि (डीसीसी) करार पर भी हस्ताक्षर किए हैं। इससे दोनों देशों के अस्थायी कर्मियों को सामाजिक शुल्क को दो बार नहीं देना पड़ेगा।' अधिकारी ने बताया कि दोनों समझौतों को एक साथ लागू किए जाने की संभावना है। यह समझौता भारतीय उत्पादों के लिए यूरोपीय बाजार में पैठ आसान बनाएगा और अमेरिकी टैरिफ के दबाव को कम करेगा।

2030 तक व्यापार दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

सीईटीए का लक्ष्य 2030 तक दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार को दोगुना कर 56 अरब डालर तक पहुंचाना है। समझौते के तहत भारत ने चॉकलेट, बिस्कुट और कॉस्मेटिक्स सहित कई उपभोक्ता उत्पादों के लिए अपना बाजार खोल दिया है। वहीं उसे ब्रिटेन में कपड़ा, जूते-चप्पल, रत्न एवं आभूषण, खेल के सामान और खिलौनों जैसे क्षेत्रों के लिए अधिक बाजार पहुंच मिलेगी।

व्हिस्की और कारों पर शुल्क में कटौती, नए अवसरों का रास्ता

दोनों देशों के बीच एफटीए के तहत, ब्रिटिश स्कॉच व्हिस्की पर भारत में शुल्क तुरंत 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया जाएगा, और 2035 तक इसे और घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया जाएगा। इंग्लैंड के वाहनों पर भारत धीरे-धीरे उदार कोटा प्रणाली के तहत, पांच साल में आयात शुल्क को घटाकर 10 प्रतिशत कर देगा, जो अभी 110 प्रतिशत तक है। इसके एवज में भारतीय विनिर्माताओं को इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों के लिए ब्रिटेन के बाजार में पहुंच मिलेगी।

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