ईरान, इजराइल -अमेरिका युद्ध के बीच सरकार का दावा है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों पर कोई संकट नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि देश में ईंधन की कमी नहीं है।
मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच महंगाई का तड़का, रसोई गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़े
औद्योगिक इकाइयों को गैस आवंटन में कटौती से फैक्ट्रियां बंदी के कगार पर
नई दिल्ली।
ईरान, इजराइल -अमेरिका युद्ध के बीच भारत सरकार का दावा है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों पर कोई संकट नहीं है। केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि देश में ईंधन की कमी नहीं है। इसके बावजूद केन्द्र सरकार ने पश्चिम एशिया में गहराते संकट के बीच कुकिंग गैस, सीएनजी और पीएनजी की कमी की आशंका को देखते हुए खपत को नियंत्रित करने के उपाय शुरू कर दिये हैं। देश की सभी तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू बजट पर असर डालने वाली एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का एलान किया है। साथ ही गैस कंपनियों ने औद्योगिक इकाईयों को गैस की आपूर्ति और आवंटन में भारी कमी कर दी है। इससे गुजरात समेत कई राज्यों में फैक्ट्रियों में उत्पादन या तो कम हो गया है या ठप्प हो गया है।
युद्ध का घरेलू बजट पर असर
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू बजट पर असर डालने वाली एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का एलान किया है। इस बढ़ोतरी के बाद देश के प्रमुख महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और नोएडा में घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) की कीमतें 60 रुपये की बढ़ोतरी के बाद 900 रुपये के पार पहुंच गई हैं।इसी के साथ कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर (19 किलोग्राम) के दामों में भी 115 रुपये की भारी भरकम बढ़ोतरी की गई है। तेल विपणन कंपनियों द्वारा लागू नई दरें 7 मार्च 2026 से प्रभावी हो गयी हैं।
तेल विपणन कंपनियों की नई दरों के अनुसार, दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये का हो गया है। वहीं मुंबई में इसकी कीमत 912.50 रुपये, जबकि कोलकाता में 939 रुपये प्रति सिलेंडर तय की गई है। चेन्नई में उपभोक्ताओं को 928.50 रुपये चुकाने होंगे जबकि उत्तर प्रदेश के नोएडा में भी एलपीजी सिलेंडर की कीमत दिल्ली के बराबर 913 रुपये तय की गयी हैं।
गुजरात में सौ फैक्ट्रियों में काम बंद
एक रिपोर्ट के अनुसार मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण गुजरात में 100 फैक्ट्रियों में काम बंद हो गया है जबकि अन्य 400 इकाइयों पर बंदी का खतरा मंडरा रहा है। गैस आवंटन में कटौती का सबसे ज्यादा असर मोरबी में दिख रहा है जहां सैकड़ों फैक्ट्रियां टाइल्स और अन्य सिरेमिक प्रोडक्ट्स बनाती हैं। ये इकाइयां घरेलू बाजार के साथ-साथ कई देशों में टाइल्स निर्यात करती हैं। पर अब इनमें प्रोपेन गैस (Propane Gas) की सप्लाई रुकने से 100 फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन बंद हो गया है। धीरे-धीरे संकट और गहराता जा रहा है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि ईरान के हमलों की वजह से कतर में गैस कंपनियों द्वारा उत्पादन बंद कर देने से देश में गैस संकट पैदा हुआ है। कतर एनर्जी के उत्पादन में लंबे समय तक रुकावट बनी रहती है तो भारत की गैस कंपनियां औद्योगिक इकाईयों को गैस की आपूर्ति या आवंटन की समीक्षा कर और कटौती को मजबूर हो सकती हैं। हालांकि घरेलू पीएनजी और सीएनजी जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए गैस आवंटन में कटौती नहीं की जाएगी।
कतर को एलएनजी प्लांट बंद करना पड़ा
ईरान के जवाबी हमलों के बाद कतर में कतर एनर्जी Qatar Energy को अपना LNG प्लांट बंद करना पड़ा है। कतर भारत के लिए सबसे बड़ा गैस सप्लायर है। एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, 'भारत फिलहाल प्रतिदिन 19.5 करोड़ मानक घन मीटर प्राकृतिक गैस की खपत करता है। इनमें से कतर एनर्जी द्वारा उत्पादन रोकने के कारण 6 करोड़ मानक घन मीटर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में व्यवधान जारी रहा तो औद्योगिक क्षेत्रों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।' अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ गया। इसे देखते हुए कतर की सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी कतर एनर्जी ने अपने संयंत्र में एलएनजी का उत्पादन रोक दिया है। कतर भारत का सबसे बड़ा एलएनजी आपूर्तिकर्ता है। एक गैस कंपनी के एक वरिष्ठ कार्यकारी ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों को पहले से ही इस बारे में सूचित कर दिया गया है और कटौती की स्थिति में एलपीजी, तेल और अन्य विकल्प तलाशने के लिए कहा गया है।
चीन ने अपनी कंपनियों को एक्सपोर्ट घटाने को कहा
पश्चिम एशिया में युद्ध और होरमुज की खाड़ी से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप पड़ जाने के बीच दुनियाभर में क्रूड ऑयल और नैचरल गैस का संकट गहराने लगा है। चीन ने रिफाइनरी कंपनियों से पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट घटाने को कह दिया है।
एक अधिकारी ने कहा कि भारत होर्मुज स्ट्रेज से कार्गो की सुरक्षित आवाजाही के लिए बीमा कवर के लिए अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सरकार महत्त्वपूर्ण शिपिंग मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर ईरानी हमलों के बीच होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए 'रियायती जोखिम बीमा' प्रदान करेगी।
कतर से एलएनजी आवंटन शून्य हुआ
गैस अथारिटी आफ इंडिया ("गेल") के एक अधिकारी ने बताया कि वह संभावित आपूर्ति में कटौती का आकलन कर रही है क्योंकि पेट्रोनेट के साथ कतर एनर्जी के अनुबंध के तहत एलएनजी का आवंटन 4 मार्च से शून्य कर दिया गया है। गेल की अन्य स्रोतों कतर में उत्पादन ठप होने से भारतीय गैस कंपनियां औद्योगिक आवंटन में कर सकती है कटौती। आपदा में अवसर देख "अदाणी टोट आल" ने औद्योगिक ग्राहकों की गैस कीमतों में तीन गुना वृद्धि कर दी है।
इस बीच, पेट्रोलियम मिनिस्ट्री के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG सहित पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का अच्छा भंडार है और चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की राशनिंग पर विचार नहीं किया जा रहा है। साथ ही, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे कई देशों ने भारत को गैस देने की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि भारत को आपूर्ति करने वाले जहाजों को सिक्योरिटी देने के लिए अमेरिका से संपर्क किया गया है।
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