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कमिटी बनाने पर उठाए सवाल

ECINET पर जयराम रमेश का ECI पर निशाना, कहा- कानून के पालन का दावा झूठ

जयराम रमेश ने ECINET की समीक्षा के लिए कमिटी बनाने के ECI के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने ECINET की कानूनी प्रक्रिया और EROs की भूमिका को लेकर आरोप लगाए।

ecinet पर जयराम रमेश का eci पर निशाना कहा- कानून के पालन का दावा झूठ

Jairam Ramesh Targets ECI Over ECINET, Calls Compliance Claim a Lie |

नई दिल्ली (भारत)। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शुक्रवार को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पर निशाना साधा। उन्होंने ECINET की समीक्षा के लिए एक कमिटी बनाने के आयोग के आदेश पर सवाल उठाए। यह कमिटी यह सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई थी कि ECINET संबंधित कानूनों और नियमों का पालन करता है। रमेश ने कहा कि आयोग का यह दावा कि ECINET को कानून और भारतीय संविधान के अनुसार सख्ती से विकसित किया गया है, "झूठ" है।

ECINET को लेकर ECI के दावे को बताया झूठ

X पर एक पोस्ट में, कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अगर CEC ज्ञानेश कुमार की नीयत ईमानदार होती, तो ECI के फैसलों पर कभी कोई शक नहीं होता। जयराम रमेश ने कहा, "26 सितंबर, 2026 को जारी अपने प्रेस नोट में जो नुकसान कम करने के बजाय असल में नुकसान बढ़ाने वाला था। भारत निर्वाचन आयोग ने एक कमिटी बनाने का वादा किया था। 

यह कमिटी यह प्रमाणित करती कि कानूनी रूप से संदिग्ध ECINet कानूनों और नियमों के प्रावधानों का पालन करता है। असल में, अगर CEC ज्ञानेश कुमार की नीयत ईमानदार होती जो कि नहीं थी, तो इस बात पर कभी कोई शक ही नहीं होता। ECINet को 22 जनवरी, 2026 को पारदर्शिता, विश्वसनीयता और जनता का भरोसा बढ़ाने के लिए बड़े धूमधाम से लॉन्च किया गया था। 

उस दिन ECI के प्रेस नोट ने देश को भरोसा दिलाया था कि इसे कानून के अनुसार सख्ती से और भारत के संविधान, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951, और मतदाता पंजीकरण नियम 1960 का पूरी तरह पालन करते हुए विकसित किया गया है। यह सब झूठ था।" 

ECI पर जनप्रतिनिधित्व कानून और मतदाता नियमों के उल्लंघन का आरोप

कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि ECI ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा EROs (चुनाव पंजीकरण अधिकारियों) को ECINet वोटर रोल सिस्टम तक पहुँच से रोककर और गोवा, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में EROs के फैसलों को दरकिनार करके किया गया।

EROs के अधिकारों को दरकिनार करने का रमेश ने लगाया आरोप

रमेश ने कहा, "गोवा, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में EROs को ECINet वोटर रोल सिस्टम तक पहुँच से रोककर और उनके फैसलों को दरकिनार करके, CEC के नियंत्रण वाले ECI ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 का उल्लंघन किया है। ये दोनों कानून तय करते हैं कि मतदाता सूची पर ERO का कानूनी अधिकार होता है।"

INDIA गठबंधन ने देशभर में जवाबदेही की मांग का किया ऐलान

उन्होंने आगे कहा कि INDIA गठबंधन कानून और संविधान के इन उल्लंघनों के लिए जवाबदेही की मांग करेगा। रमेश ने कहा, "पिछले हफ्ते हुए खुलासों के बाद, महाराष्ट्र के CEO ने 24 सितंबर, 2026 को ECI को पत्र लिखकर इस गैर-कानूनी स्थिति को ठीक करने को कहा। आज से, INDIA गठबंधन, नागरिक और कई सिविल सोसाइटी संगठन कानून और संविधान के इन उल्लंघनों के लिए जवाबदेही की मांग करते हुए पूरे देश में सड़कों पर उतरेंगे।" (Source: ANI)

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