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कीड़ों से बचाने के लिए ट्रीटमेंट में खामियां बताईं

जापान ने भारत के आमों के आयात पर लगाया प्रतिबंध

भारत से जापान को बड़े पैमाने पर अल्फोंसो, केसर, लंगड़ा और बैंगनपल्ली जैसी प्रीमियम किस्में निर्यात की जाती हैं।

जापान ने भारत के आमों के आयात पर लगाया प्रतिबंध

नई दिल्ली। भारत को निर्यात के मोर्चे पर चीन से ही नहीं जापान से भी झटका लगा है। जापान ने भारत के आम के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। जापान ने यह पाबंदी आमों को कीड़े-मकोड़ों से बचाने के लिए ट्रीटमेंट फिसिलिटीज में कई तरह की खामियां पाये जाने के बाद लगाया है। जापान ने करीब 20 साल बाद भारतीय आमों पर प्रतिबंध लगाया।

दुनिया की सबसे सख्त जैव-सुरक्षा का  पालन करता है जापान

जापान में भारतीय आमों को काफी पसंद किया जाता है। भारत से जापान को बड़े पैमाने पर अल्फोंसो, केसर, लंगड़ा और बैंगनपल्ली जैसी प्रीमियम किस्में निर्यात की जाती हैं। साथ ही जापान फलों व अन्य कृषि उत्पादों को कीटों और बीमारियों (जैसे फल मक्खियाँ या Mediterranean fruit fly) से बचाने के लिए दुनिया की सबसे सख्त जैव-सुरक्षा (शून्य-सहिष्णुता नीति) का भी पालन करता है। इन्हें वहां की खेती-बाड़ी के लिए एक बड़ा खतरा माना जाता है। फ्रूट फ्लाई एक छोटा उड़ने वाला कीट है जो मुख्य रूप से पके, सड़े या फर्मेंटेड फलों और सब्जियों पर पनपता है। इसकी मादा मक्खियां फलों की त्वचा में छेद करके अंदर अंडे दे देती हैं, जिसके बाद उनके लार्वा फल के अंदरूनी गूदे को खाकर उसे पूरी तरह सड़ा देते हैं।

जापान वेपर हीट ट्रीटमेंट का निरीक्षण करने के लिए भेजता है अपने अधिकारी

"इकोनामिक टाइम्स" की रिपोर्ट के अनुसार आम के एक्सपोर्ट के हर सीजन से पहले, जापान अपने क्वारंटाइन अधिकारियों को भारत की 'वेपर हीट ट्रीटमेंट' (VHT) फ़ैसिलिटीज का इंस्पेक्शन करने के लिए भेजता है। इन सेंटर्स की जिम्मेदारी होती है कि वे आमों को एक्सपोर्ट करने से पहले उन्हें कीटाणु-मुक्त करें। VHT एक ऐसा तरीका है जिसमें किसी भी केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता। इसमें आमों को खास तरह से कंट्रोल की गई गर्म और नमी वाली हवा में रखा जाता है, ताकि कीड़े और फ़्रूट फ़्लाई के लार्वा मर जाएं। दोनों देशों के बीच हुए एक्सपोर्ट समझौते के तहत यह ट्रीटमेंट करवाना ज़रूरी है।

कीटाणु मारने की प्रक्रिया में कुछ खामियां पाईं

जापान के प्लांट क्वारंटीन अधिकारियों ने मार्च 2026 में भारतीय उपचार और पैकिंग केंद्रों का निरीक्षण किया था। इस दल ने उत्तर प्रदेश के रहमानपुर में मौजूद VHT फ़ैसिलिटी का निरीक्षण किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, जापान के अधिकारियों को इस फैसिलिटी में 'फ़्यूमिगेशन' (धुएं से कीटाणु मारने) और कीटाणु-मुक्त करने के तरीकों में कुछ कमियां मिलीं थीं। इस दौरे में मिली खामियों को लेकरयजापान ने भारत से आमों का आयात निलंबित कर दिया है। जापान की 'योकोहामा प्लांट प्रोटेक्शन एसोसिएशन' ने यह ऐलान किया कि 25 मार्च, 2026 के बाद जारी किए गए इंस्पेक्शन सर्टिफिकेट वाले भारतीय आमों को अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

भारत और जापान ने अभी तक खामियां नहीं बताईं

भारत या जापान, दोनों में से किसी भी देश के अधिकारियों ने अभी तक यह साफ तौर पर नहीं बताया है कि इंस्पेक्शन के दौरान उन्हें असल में कौन सी तकनीकी खामियां मिली थीं। जापान के इस कदम से इस सीज़न में आम के मौसम में निर्यात बाधित हुआ है और अल्फोंसो, केसर, लंगड़ा और बैंगनपल्ली जैसी प्रीमियम भारतीय किस्मों पर इसका असर पड़ा है।

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