नई दिल्ली में 'लहरा दो तिरंगा' मार्च के दौरान जॉन ब्रिटास ने पुलिस प्रतिबंधों पर सवाल उठाए। ममता बनर्जी ने अभिजीत दिपके की हिरासत की आलोचना की, जबकि करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
नई दिल्ली (भारत)। दिल्ली में शुक्रवार को 'लहरा दो तिरंगा' मार्च के दौरान CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने पुलिस प्रतिबंधों को लेकर बयान दिया। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) के कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इसमें शामिल होने के बाद ब्रिटास ने दावा किया कि प्रतिबंधों के बावजूद प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस (CP) तक पहुंचने में कामयाब रहे।
जॉन ब्रिटास बोले- हमने दिल्ली पुलिस के प्रतिबंध को तोड़ा
तिरंगा मार्च में शामिल CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कनॉट प्लेस तक पहुंचने से रोकने की बात कही थी, लेकिन वे शहर के मुख्य हिस्से में पहुंच गए। उन्होंने कहा, "उन्होंने कहा था कि किसी को भी CP तक नहीं पहुंचने दिया जाएगा। लेकिन हम यहां पहुंच गए हैं। हम शहर के मुख्य हिस्से में आ गए हैं। हमने दिल्ली पुलिस को चुनौती दी है; हमने उनके प्रतिबंध को तोड़ा है। हमने तिरंगे को शान से लहराया है। अब उन्हें जो करना है, करने दें।"
ममता बनर्जी ने अभिजीत दिपके की हिरासत की आलोचना की
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने CJP कार्यकर्ता अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर उन्होंने दावा किया कि दिपके को केवल इसलिए हिरासत में लिया गया, क्योंकि उनके हाथ में भारत का राष्ट्रीय ध्वज था। बनर्जी ने लिखा, "अभिजीत दिपके को सिर्फ इसलिए हिरासत में ले लिया गया क्योंकि उन्होंने भारत का राष्ट्रीय ध्वज थाम रखा था। ज़रा सोचिए! आज़ाद भारत में, हमारे युवाओं को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का शांतिपूर्ण तरीके से इस्तेमाल करने के लिए हिरासत में लिया जा रहा है।"
'अघोषित आपातकाल' बताकर सरकार पर साधा निशाना
ममता बनर्जी ने पुलिस की कार्रवाई को 'अघोषित आपातकाल' करार देते हुए कहा कि असहमति से डरने वाली सरकार युवाओं को चुप कराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे फासीवादी शासन का तरीका बताया और कहा कि ऐसी आवाजों को दबाया नहीं जा सकता, जिन्हें नियंत्रित करना संभव न हो। बनर्जी ने अभिजीत दिपके, आशुतोष और सौरव के समर्थन में कहा कि वे देश के युवाओं के साहस, अंतरात्मा और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने लोकतंत्र, आजादी और असहमति जताने के अधिकार के लिए संघर्ष जारी रखने की बात भी कही।
'अपने देश में तिरंगा नहीं फहराएंगे, तो क्या पाकिस्तान में फहराएंगे?'
अरविंद केजरीवाल ने 'X' पर लिखा, "अगर हम अपने ही देश में तिरंगा नहीं फहराएंगे, तो क्या पाकिस्तान में फहराएंगे? जिन्हें भारतीय तिरंगे से दिक्कत है, उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए।" उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने पर रोक लगाने के कानूनी आधार पर सवाल उठाए। केजरीवाल ने कहा, "यह पूरी तरह से तानाशाही है। क्या तिरंगा फहराना कोई अपराध है? अभिजीत की गिरफ्तारी दिखाती है कि मोदी जी उनसे कितना डरते हैं।"
तिरंगा रैली से पहले अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया गया
दिल्ली पुलिस ने NCP-SCP के प्रवक्ता अनीश गवांडे के आवास से CJP कार्यकर्ता अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' रैली से ठीक पहले हुई। हिरासत के दौरान एक पुलिस अधिकारी ने दिपके से कहा, "हम आपको प्रिवेंटिव डिटेंशन (एहतियाती हिरासत) में ले रहे हैं। कनॉट प्लेस में धारा 163 लागू है। इसलिए आपको हिरासत में लिया जा रहा है।"
दिल्ली पुलिस ने करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
अधिकारियों के मुताबिक, मध्य दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और 'लहरा दो तिरंगा' मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इस दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के बाहर तिरंगा रैली निकाली। वहीं, विभिन्न छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मार्च के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया। (Source: ANI)
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