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जेपी नड्डा ने मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

जेपी नड्डा ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

जेपी नड्डा ने मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

जेपी नड्डा ने मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक |

JP Nadda : नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश (जेपी) नड्डा ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य दोनों राज्यों में स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रगति की समीक्षा करना और मिशन मोड में स्वास्थ्य सुधारों को गति देना था। 

बैठक में विशेष रूप से 2027 तक ‘टीबी मुक्त भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने पर जोर दिया गया। जेपी नड्डा ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने, सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने और रोगी संतुष्टि पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।

मिशन मोड में स्वास्थ्य सुधार

उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में मिशन मोड में सुधार लागू करने का आह्वान किया, जिनमें प्रमुख रूप से दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला की सतत निगरानी के साथ ड्रग रेगुलेशन को सुदृढ़ करना, निःशुल्क दवा एवं निःशुल्क जांच योजनाओं में मौजूद कमियों को दूर करना, सभी स्तरों पर गुणवत्तापूर्ण डायग्नोस्टिक सेवाओं को मजबूत करना, अस्पताल प्रबंधन को अधिक पेशेवर बनाना और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करनाशामिल हैं

स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के उपयोगका निर्णय

केंद्रीय मंत्री ने दूरदराज और वंचित क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए टेलीमेडिसिन और तकनीक आधारित समाधानों के उपयोग पर भी जोर दिया।2027 तक ‘टीबी मुक्त भारत’ का लक्ष्य। जेपी नड्डा ने तपेदिक उन्मूलन के लिए जिला-स्तर पर मिशन मोड हस्तक्षेप, गहन स्क्रीनिंग, समय पर जांच, उपचार की निरंतरता और पोषण सहायता पर बल दिया।

निगरानी और जनभागीदारी

उन्होंने जिला और ब्लॉक स्तर पर कड़ी निगरानी तथा जनभागीदारी को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर लोगों का भरोसा मजबूत हो।स्वास्थ्य मंत्री ने विधायकों (MLAs) के लिए संवेदनशीलता कार्यशालाएँ आयोजित करने का सुझाव दिया, जिससे जमीनी स्तर पर ब्लॉक मेडिकल अधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय हो सके।मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर स्वास्थ्य सुधारों, बुनियादी ढांचे के विकास और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

तकनीकी और संस्थागत सहयोग

केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सार्वजनिक–निजी भागीदारी, मेडिकल शिक्षा के विस्तार, स्वास्थ्य अवसंरचना और मानव संसाधन प्रशिक्षण के माध्यम से राज्यों को निरंतर सहयोग देने की बात भी दोहराई गई।यह बैठक स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रणालीगत सुधारों और तपेदिक जैसी गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती के उन्मूलन के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 2027 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य वैश्विक समय-सीमा से पहले इस बीमारी को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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