प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

कपिल सिब्बल का राजनाथ सिंह पर पलटवार

बांग्लादेश मॉडल पर छिड़ी सियासत, कपिल सिब्बल ने राजनाथ सिंह को दिया जवाब

कपिल सिब्बल ने राजनाथ सिंह के सत्ता परिवर्तन वाले बयान पर पलटवार करते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार, संस्थाओं पर कब्जे और मतदाता सूची में हेरफेर के आरोप लगाए।

बांग्लादेश मॉडल पर छिड़ी सियासत कपिल सिब्बल ने राजनाथ सिंह को दिया जवाब

कपिल सिब्बल का राजनाथ सिंह पर पलटवार |

नई दिल्ली: वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस कथित बयान पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस "बांग्लादेश के रास्ते सत्ता परिवर्तन" चाहती है। सिब्बल ने जोर देकर कहा कि जनता स्वयं सत्ता परिवर्तन चाहती है। सरकार पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने, संस्थाओं पर कब्जा करने और मतदाता सूचियों में हेरफेर करने का आरोप लगाया। X पर एक पोस्ट में, कपिल सिब्बल ने सिंह के कथित बयानों पर सवाल उठाया और 2014 के 'भारत भ्रष्टाचार विरोधी' आंदोलन से तुलना करते हुए आरोप लगाया कि सरकार उस समय किए गए वादों से भटक गई है।

कपिल सिब्बल ने X पर पोस्ट करते हुए कहा...

कपिल सिब्बल ने X पर लिखा, राजनाथ सिंह, "आपका आरोप है कि कांग्रेस बांग्लादेश के रास्ते "सत्ता परिवर्तन" (regime change) चाहती है। नहीं। जनता "सत्ता परिवर्तन" चाहती है। "भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत" के नारों वाले विरोध-प्रदर्शनों ने ही आपको सत्ता दिलाई थी। फिर क्या हुआ: आपने भ्रष्टाचार को गले लगा लिया। संस्थानों पर कब्ज़ा कर लिया। मतदाता सूची में हेरफेर की। अब जाने का समय आ गया है"!



 

प्रशांत भूषण और नेहा बोरा के बयानों पर विवाद

यह विवाद तब शुरू हुआ जब वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन को "सत्ता परिवर्तन की लड़ाई" बताया, जबकि अखिल भारतीय छात्र संघ (एआईएसए) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने बांग्लादेश में चल रहे जेनरेशन जेड आंदोलन का जिक्र किया। भाजपा ने इन टिप्पणियों को मोदी सरकार को चुनावी प्रक्रिया से बाहर गिराने के प्रयास के सबूत के रूप में देखा है, जिसे विपक्ष ने खारिज कर दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर भारत में बांग्लादेश जैसी राजनीतिक उथल-पुथल मचाने का आरोप लगाया और कहा कि विरोध प्रदर्शन चुनावी सुधारों को संबोधित करने के बजाय अशांति पैदा करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।

राजनाथ सिंह का राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना

राजनाथ सिंह ने कहा कि यह आंदोलन वास्तव में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) या मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के बारे में नहीं है, बल्कि युवाओं का इस्तेमाल करके राजनीतिक एजेंडा चलाने के बारे में है। उन्होंने कहा, देश के युवाओं को अराजक राजनीति का मोहरा बनाने की कोशिश की जा रही है। बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश की जा रही है। उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और उन पर विघटनकारी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए विपक्ष से 2024 के लोकसभा चुनावों में मिले जनादेश का सम्मान करने का आग्रह किया। उन्होंने आगे तर्क दिया कि सड़क पर प्रदर्शन के जरिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए और आरोप लगाया कि विपक्ष जनता की शिकायतों का फायदा उठाकर सत्ता में वापस आने की कोशिश कर रहा है। 

(इनपुट: ANI)

ये भी पढ़ें- पीयूष गोयल ने युवाओं को बताया भारत की असली ताकत, 2047 तक विकसित देश बनने का भरोसा
 

Related to this topic: