E20 मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल ने नेशनल टाउन हॉल का ऐलान किया। AAP PM मोदी को 2 लाख से ज्यादा याचिकाएं सौंपेगी और सरकार से जल्द समाधान की मांग करेगी।
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लोगों का समर्थन जुटाने के लिए 'नेशनल टाउन हॉल' बैठक का ऐलान किया। उन्होंने अगले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो लाख से अधिक याचिकाएं सौंपने का इरादा जताया है। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से E-20 मामले को तुरंत सुलझाने की अपील की ताकि इसे बड़े पैमाने पर देशव्यापी विरोध में बदलने से रोका जा सके।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जिक्र कर पीएम मोदी को दी चेतावनी
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, AAP के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा, "इस देश के युवाओं ने एक अहंकारी सरकार को झुका दिया है, जिसके परिणामस्वरूप धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। अब, मैं प्रधानमंत्री से अनुरोध करता हूं कि E20 मुद्दे को भी बड़े पैमाने पर विरोध में बदलने से पहले सुलझा लें।" केजरीवाल ने लोगों की राय जुटाने और प्रभावित लोगों की शिकायतों पर चर्चा करने के लिए 'नेशनल टाउन हॉल' बैठक की घोषणा की।
नेशनल टाउन हॉल के जरिए लोगों से सीधा संवाद
उन्होंने कहा, "हम इस मुद्दे पर लोगों को एकजुट करने के लिए इस शनिवार दोपहर को एक 'नेशनल टाउन हॉल' बैठक शुरू कर रहे हैं। दिल्ली-NCR के लोग खुद आकर इसमें शामिल हो सकते हैं, जबकि बाहर के लोग ऑनलाइन जुड़ सकते हैं। हमने हिस्सा लेने वालों के लिए एक रजिस्ट्रेशन नंबर दिया है। इस टाउन हॉल के जरिए, हम एक्सपर्ट्स, पीड़ितों और आम जनता के साथ बातचीत करेंगे।"
दो लाख से ज्यादा याचिकाएं PM को सौंपने की तैयारी
केजरीवाल ने आगे बताया कि पार्टी द्वारा शुरू की गई एक ऑनलाइन याचिका को पहले ही दो लाख से ज्यादा पत्र मिल चुके हैं। उन्होंने कहा, "मैं इन पत्रों को अगले हफ्ते प्रधानमंत्री आवास ले जाऊंगा।" बिहार और दूसरे राज्यों में प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स पर पुलिस एक्शन की आलोचना करते हुए, AAP नेता ने कहा, "यह सही नहीं है। इससे सरकार बेईमान और अपने रुख में ढुलमुल लगती है।"
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर सरकार को घेरा
बिहार और अन्य राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस एक्शन की आलोचना करते हुए, AAP नेता ने कहा, "यह सही नहीं है। इससे सरकार बेईमान और अपने रुख में डगमगाती हुई दिखाई देती है।" केंद्र के नए एंटी-पेपर लीक कानून पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कानून के बजाय सरकार की "नीयत" पर सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया, "ऐसे सख्त कदम उठाने की बात पहले भी हुई है। अगर माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने का इरादा नहीं है, तो आप कोई भी कानून बना लें, कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यहां तक कि CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों को भी आखिरकार रिहा कर दिया गया।"
दिल्ली और पंजाब के शिक्षा मॉडल का किया बचाव
पेपर लीक के आरोपों को लेकर पंजाब के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने दिल्ली और पंजाब दोनों में अपनी पार्टी के शासन के रिकॉर्ड का बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया, "हम 10 साल से दिल्ली में सत्ता में थे और एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। इसी तरह, पंजाब में पिछले 5 सालों में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है।"
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था की गिनाईं उपलब्धियां
उन्होंने कहा, "एक मामले में, दो सेंटरों पर दो छात्रों ने स्मार्ट पेन का इस्तेमाल कर नकल करने की कोशिश की लेकिन वे तुरंत पकड़े गए।" उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा, "2022 से पहले, पंजाब शिक्षा में 27वें स्थान पर था। आज, यह नंबर एक है। यही प्रगति हमारे विरोधियों को परेशान कर रही है।"
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
यह भी पढ़ें: केजरीवाल ने पेट्रोल 82 और E20 ईंधन 70 रुपये करने की मांग की