राज्यसभा में CPI सांसद जॉन ब्रिटास को कथित तौर पर 'लुंगीवाला' कहे जाने पर विवाद छिड़ गया। AAP, CPI और कांग्रेस सांसदों ने इसे भारतीय और दक्षिण भारतीय संस्कृति का अपमान बताया।
नई दिल्ली (भारत)। राज्यसभा में CPI सांसद जॉन ब्रिटास को कथित तौर पर “लुंगीवाला” कहे जाने को लेकर बुधवार को विवाद खड़ा हो गया। विपक्षी सांसदों ने इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए इसे भारतीय और खासकर दक्षिण भारतीय संस्कृति का अपमान बताया। AAP, CPI और कांग्रेस के सांसदों ने कहा कि संसद में किसी सदस्य के पहनावे या सांस्कृतिक पहचान को लेकर टिप्पणी करना उचित नहीं है और भारत की “विविधता में एकता” की भावना का सम्मान किया जाना चाहिए।
संजय सिंह बोले- पहनावे पर सवाल उठाना BJP की संस्कृति
AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि भारत "विविधता में एकता" वाला देश है, जहाँ अलग-अलग धर्मों, संस्कृतियों और परंपराओं के लोग एक साथ रहते हैं। संजय सिंह ने आगे कहा, "किसी के पहनावे पर सवाल उठाना और उसका अपमान करना BJP की संस्कृति बन गई है।" उन्होंने ब्रिटास के संसद में लुंगी पहनकर आने का ज़िक्र किया और आरोप लगाया कि CPI सांसद का उनके पहनावे को लेकर अपमान किया गया।
सभापति ने मामले का संज्ञान लिया: संजय सिंह
सिंह ने कहा कि राज्यसभा के सभापति ने इस मामले का संज्ञान लिया है। सिंह ने कहा, "जिस तरह से संसद में 'लुंगी' पहनकर आए जॉन ब्रिटास का अपमान किया गया। सभापति ने इस मामले का संज्ञान लिया है।" सिंह ने यह भी कहा कि अलग-अलग धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक रीति-रिवाज भारत के सामाजिक ताने-बाने का हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी व्यक्ति के पहनावे पर सवाल उठाना देश के 'विविधता में एकता' के सिद्धांत को कमजोर करता है।

CPI सांसद पी. संतोष कुमार ने भी टिप्पणी की निंदा की
CPI सांसद पी. संतोष कुमार ने भी सदन में ब्रिटास के भाषण के दौरान "लुंगीवाला" शब्द के इस्तेमाल की निंदा की।
संतोष कुमार ने कहा, "जब जॉन ब्रिटास सदन (राज्यसभा) में बोल रहे थे, तो उनके लिए 'लुंगीवाला' शब्द का इस्तेमाल करके उनका अपमान किया गया। यह हर भारतीय का अपमान है।"
रंग, पहनावे और खान-पान के आधार पर बांटने का आरोप
उन्होंने कहा कि भारतीयों को देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं पर गर्व होना चाहिए और आरोप लगाया कि रंग, पहनावे और खान-पान के ज़रिए राजनीतिक मतभेद ज़ाहिर किए जा रहे हैं। CPI सांसद ने कहा, "हम गर्व करने वाले भारतीय हैं, लेकिन वे रंग, पहनावे और खान-पान के आधार पर बांट रहे हैं।"

कांग्रेस सांसद क्रिस्टोफर तिलक ने बताया दक्षिण भारतीय संस्कृति का अपमान
कांग्रेस सांसद क्रिस्टोफर तिलक ने भी इस टिप्पणी की आलोचना की और इसे दक्षिण भारतीय संस्कृति का अपमान बताया। क्रिस्टोफर तिलक ने कहा, "यह BJP द्वारा दक्षिण भारतीय संस्कृति का अपमान है। यह सिर्फ़ पहनावे की बात नहीं है। पश्चिम बंगाल के एक सांसद ने जॉन ब्रिटास को 'लुंगीवाला' कहा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।"
गैर-हिंदी भाषी इलाकों के प्रति BJP के रवैये पर उठाए सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना हिंदी भाषी क्षेत्र से बाहर के इलाकों के प्रति BJP के रवैये को दर्शाती है। कांग्रेस सांसद ने कहा, "इससे गैर-हिंदी भाषी इलाकों के प्रति बीजेपी का रवैया पता चलता है।" सांसदों ने कहा कि संसद सदस्यों को उनके पहनावे या सांस्कृतिक रीति-रिवाजों के आधार पर निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए या उनका अपमान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विविधता पर भी जोर दिया।
ब्रिटास का आरोप- सदन में बार-बार 'लुंगी-वाला' कहकर किया संबोधित
यह विवाद तब शुरू हुआ जब ब्रिटास ने आरोप लगाया कि सदन की कार्यवाही के दौरान बोलते समय एक सदस्य ने बार-बार उन्हें "लुंगी-वाला" कहकर संबोधित किया। उस सदस्य का नाम लिए बिना ब्रिटास ने कहा, "कुछ दिन पहले, एक सम्मानित सदस्य - जिनका मैं बहुत सम्मान करता हूं - ने यहां आकर मुझे परेशान किया, जबकि मैं एक वैधानिक प्रस्ताव पेश करने वाले के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहा था। बहस-मुबाहिसा ठीक है। हम एक-दूसरे से लड़ते भी हैं। लेकिन उन्होंने बार-बार मुझे 'लुंगी-वाला' कहा।" (Source: ANI)
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