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पार्थ चटर्जी के पत्र से ममता बनर्जी असमंजस में

पार्थ चटर्जी के सवालों से ममता बनर्जी असहज — टीएमसी में फिर उठे सियासी बवंडर

पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री और टीएमसी के पूर्व महासचिव पार्थ चटर्जी ने कठिन सवाल पूछ कर पार्टी की आला और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अजमंजस में डाल दिया है।

पार्थ चटर्जी के सवालों से ममता बनर्जी असहज — टीएमसी में फिर उठे सियासी बवंडर

पार्थ चटर्जी के पत्र से ममता बनर्जी अजमंजस में ?

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री और टीएमसी के पूर्व महासचिव पार्थ चटर्जी ने कठिन सवाल पूछ कर पार्टी की आला और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अजमंजस में डाल दिया है। पार्ट चटर्जी तीन साल से ज्यादा समय तक न्ययिक हिरासत में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुए हैं। राज्य में हुए शिक्षक भर्ती घोटाले में फंसे हुए हैं। रिहा होने के बाद उनके समर्थकों ने जुलूस निकाल कर उनका स्वागत किया। 
पार्थ चटर्जी ने टीएमसी आला और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिख कर पूछा है कि उन्हें पार्टी के संविधान की किस नियम व धारा के तहत पार्टी से निलंबित किया गया है। उन्होंने ममता बनर्जी को लिखे पत्र की कापी पार्टी के महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी और प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजा है। 
प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने पार्थ चटर्जी को 2022 में शिक्षक घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी होने के बाद उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया। यही नहीं, उन्हें पार्टी के विभिन्न पदों और जिम्मेदारियों से भी मुक्त कर दिया गया था। इसके बाद उन्हें अनिश्चित काल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया गया।
 सूत्रो के मुताबिक पार्थ चटर्जी ने ममता बनर्जी को लिखे पत्र में यह उल्लेश किया है कि पार्टी के कई नेताओं को केंद्रीय एजेंसियों ने विभिन्न मामलों में गिरफ्तार किया था तो पार्टी ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि पार्टी उनके साथ खड़ी रही। लेकिन उनके साथ उल्टा हुआ। पार्थ चटर्जी के समर्थकों का कहना है कि चटर्जी हमेशा से ममता बनर्जी के प्रति आस्थावान रहे हैं। उनक कमरे में ममता बनर्जी की तस्वीर लगी हुई है। पार्थ चटर्जी को झूठे मामले में फंसाया गया है। उनकी आज  भी वैसी छवि है जैसी पहले थी। राजनीतिक हलकों में चर्चा के मुताबिक पार्थ चटर्जी पार्टी में वही रुतबा चाहते हैं, जो पहले थी।
 
किसी की दो-दो पत्नियां, तो क्या कोई महिला मेरी मित्र नहीं हो सकती?

कोलकाता। शिक्षक भर्ती घोटाले में तीन साल से ज्यादा समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद जमानत पर हिला होकर आने के बाद टीएमसी नेता पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने अर्पिता मुखर्जी को अपनी महिला मित्र बताया और इस बात पर नाराजगी जताई कि टीएमसी के कुछ नेताओं ने उनके और अर्पिता मुखर्जी के बारे में भ्रम फैला कर बदनाम करने की कोशिश की। उन्होंने टीएमसी के किसी नेता का नाम लिए बिना कहा कि किसी नेता के पास दो-दो पत्नियां हैं, तो कोई महिला मेरी मित्र क्यों नहीं हो सकती। 
जानकार बताते है कि 2022 में इडी की ओर से उनके आवास पर छापा मारा गया था तब उनके यहां से काफी रूपये बरामद हुए थे। पार्थ चटर्जी ने उन रुपयों को अपनी मिक्ष अर्पिता मुखर्जी का बताया था। लेकिन अर्पिता मुखर्जी ने इससे इनकार किया था। उसी समय पार्ट चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी के संबंध के बारे में तरह-तरह की बाते हुई थीं। लेकिन इससे उनके बीच संबंध कमजोर नहीं हुआ बल्कि बल्कि पार्ट चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी एक   दूसरे के साथ हैं।

 

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