मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा जारी वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट में वैध वोटरों के नाम हटाए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है।
वोटर लिस्ट ड्राफ्ट पर नाराजगी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा जारी वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट में वैध वोटरों के नाम हटाए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी वैध वोटर का नाम गलत तरीके से काटा गया है, तो सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) उसके साथ खड़ी रहेगी।
कालीघाट आवास पर हुई अहम बैठक
एसआईआर प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी होने के बाद मुख्यमंत्री ने कालीघाट स्थित अपने आवास पर पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में वैध वोटरों के नाम अंतिम वोटर लिस्ट में बनाए रखने को लेकर रणनीति तय की गई।
जीवित वोटरों को मृत दिखाने का आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कई मामलों में जीवित वोटरों को मृत बताकर उनके नाम ड्राफ्ट से हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन वोटरों को मृत या स्थानांतरित दिखाकर सूची से बाहर किया गया है, उन मामलों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
अपने विधानसभा क्षेत्र को लेकर चिंता
मुख्यमंत्री ने अपने विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में वैध वोटरों के नाम कटने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से ही इसकी आशंका थी। साथ ही आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में बाहरी लोगों को बसाया गया है, जिस पर वे पहले भी सवाल उठाती रही हैं।
पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
बैठक में टीएमसी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बक्शी, शहरी विकास मंत्री और कोलकाता नगर निगम के चेयरमैन फिरहाद हकीम समेत कई वरिष्ठ नेता और वार्ड कमिश्नर मौजूद रहे।
नाम दोबारा जुड़वाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पार्टी नेताओं को निर्देश दिया कि जिन वैध वोटरों के नाम ड्राफ्ट से हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा वोटर लिस्ट में शामिल कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाए। उन्होंने मंत्री फिरहाद हकीम सहित अन्य नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों के बूथों पर वोटर लिस्ट की गहन जांच करने को कहा है।
यह भी पढ़े: सहायक भूमिकाओं से सम्मान तक सुरेश ओबेरॉय कथा
https://www.primenewsnetwork.in/entertainment/from-supporting-roles-to-acclaimed-honor-suresh-oberoi-journey/101455