एलएनजी वाहक 'दिशा' के 15 जून को होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करके भारत की ओर बढ़ने के बाद कोई अन्य भारतीय ध्वज वाला जहाज फारस की खाड़ी से बाहर नहीं निकला।
नई दिल्ली । जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्ल्यू) के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने गुरुवार को कहा कि सरकार फारस की खाड़ी क्षेत्र से भारतीय जहाजों और ऊर्जा कार्गो की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए कई मंत्रालयों और हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रही है। अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि माल्टा के ध्वज वाले एलएनजी वाहक 'दिशा' के 15 जून को होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करके भारत की ओर बढ़ने के बाद कोई अन्य भारतीय ध्वज वाला जहाज फारस की खाड़ी से बाहर नहीं निकला।
संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय में काम जारी
होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजरानी यातायात धीरे-धीरे फिर से शुरू होने के संकेतों के बाद भारत की तैयारियों पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए शर्मा ने कहा कि सरकार सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय में काम कर रही है। शर्मा ने कहा, "हम पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी), रसायन और उर्वरक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और सभी संबंधित हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी तैयार हैं और हमारे जहाज जल्द से जल्द वापस लौट सकें।" क्षेत्र में भारतीय जहाजों की स्थिति के बारे में उन्होंने कहा, "अभी तक, दिशा के बाद कोई अन्य भारतीय ध्वज वाला जहाज रवाना नहीं हुआ है।" शर्मा ने कहा कि ऊर्जा कार्गो और भारतीय ध्वज वाले जहाजों दोनों की आवाजाही सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा, "हम अपने सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारे ऊर्जा और भारतीय ध्वज वाले जहाज रवाना हो सकें।"
एलएनजी वाहक जहाज दिशा कल पहुंचेगा भारत
इससे पहले ब्रीफिंग में शर्मा ने बताया कि माल्टा ध्वज वाला एलएनजी वाहक जहाज दिशा, जो 62,370 मीट्रिक टन द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) ले जा रहा है, होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर चुका है और शुक्रवार को गुजरात के दहेज में लंगर डालने की उम्मीद है। उन्होंने जहाज की आवाजाही और क्षेत्रीय तनाव के बीच भारतीय नाविकों को समर्थन देने के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों के बारे में जानकारी दी। शर्मा ने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, माल्टा के ध्वज वाला एलएनजी वाहक पोत दिशा 15 जून को लगभग 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी कार्गो लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरा था। उम्मीद है कि यह पोत कल सुबह दहेज बंदरगाह पर पहुंचेगा।” उन्होंने कहा कि मंत्रालय, जहाजरानी महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) के माध्यम से, भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
3,639 से अधिक नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हुई
शर्मा ने कहा, “मंत्रालय, जहाजरानी महानिदेशालय के माध्यम से, भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने और सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए विदेश मंत्रालय, विदेशों में स्थित हमारे दूतावासों, जहाजरानी कंपनियों और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ निरंतर समन्वय में है।” उन्होंने आगे कहा, "पिछले 72 घंटों में नाविकों, उनके परिवारों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों से कुल 450 कॉल और 1,077 ईमेल प्राप्त हुए हैं।" शर्मा ने भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, "मंत्रालय ने जहाजरानी महानिदेशालय के माध्यम से अब तक 3,639 से अधिक नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें पिछले 72 घंटों में 47 नाविक शामिल हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि देश में समुद्री परिचालन अप्रभावित है। उन्होंने कहा, "पूरे भारत में बंदरगाहों का परिचालन सामान्य बना हुआ है और कहीं भी भीड़भाड़ की सूचना नहीं है।" (एएनआई)