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कैंसर मरीजों को बड़ी राहत: NPPA ने 70% तक घटाए 137 गैर-अनुसूचित कैंसर-रोधी दवाओं के दाम

केंद्र सरकार ने कैंसर मरीजों को बड़ी राहत देते हुए 137 गैर-अनुसूचित कैंसर-रोधी दवाओं पर ट्रेड मार्जिन 30% सीमित कर दिया है, जिससे कीमतें 70% तक कम होंगी।

कैंसर मरीजों को बड़ी राहत nppa ने 70 तक घटाए 137 गैर-अनुसूचित कैंसर-रोधी दवाओं के दाम

Representative image (File Photo) |

नई दिल्ली। नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने जनहित में बड़ा कदम उठाते हुए 137 गैर-अनुसूचित (non-scheduled) कैंसर-रोधी दवाओं के लिए ट्रेड मार्जिन रैशनलाइजेशन (TMR) लागू कर दिया है। इस फैसले से कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली इन अहम दवाओं की कीमतों में 70% तक की भारी कमी आने की उम्मीद है।

पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद बड़ा विस्तार

रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अनुसार, यह नई पहल NPPA के साल 2019 के उस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता पर आधारित है, जिसके तहत 42 कैंसर-रोधी दवाओं का ट्रेड मार्जिन 30% तक सीमित किया गया था। उस समय इस कदम से 526 ब्रांड्स की कीमतें 90% तक कम हो गई थीं। अब इसी दायरे को बढ़ाते हुए स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के तहत बनी विशेषज्ञ समिति की सिफारिश पर 137 नई दवाओं को इसमें शामिल किया गया है। समिति में देश के शीर्ष ऑन्कोलॉजिस्ट और चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल थे।

30% पर तय हुआ ट्रेड मार्जिन कैप

ड्रग्स (प्राइसेस कंट्रोल) Order (DPCO) 2013 के पैरा 19 के तहत NPPA ने इन दवाओं का ट्रेड मार्जिन अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के 30% पर कैप कर दिया है। कैंसर के इलाज का खर्च अक्सर परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डालता है, जिसे कम करने की दिशा में यह फैसला एक मील का पत्थर साबित होगा।

9 नवंबर से लागू होंगी नई दरें

सभी दवा निर्माताओं को गजट नोटिफिकेशन जारी होने के सात दिन के भीतर अपनी संशोधित कीमतों की जानकारी NPPA को देनी होगी। ये घटी हुई कीमतें आगामी 9 नवंबर से पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगी। निर्माताओं, अस्पतालों और खुदरा विक्रेताओं को अपनी वेबसाइट व फार्मेसियों में नई कीमतें प्रमुखता से प्रदर्शित करनी होंगी।

कैसे जांचें नई कीमतें?

आम उपभोक्ता दवाओं की संशोधित और किफायती कीमतों की जांच करने के लिए 'फार्मा सही दाम' (Pharma Sahi Daam) ऐप या NPPA की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, सीधे अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों को सप्लाई होने वाली दवाओं के मामले में अनुपालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी राज्य ड्रग कंट्रोलर्स की होगी।
​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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