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राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी में विपक्ष

विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का मांगा समय

विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा है। यह कदम SIR और वोटर लिस्ट के विवाद के बाद उठाया गया है।

विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का मांगा समय

INDIA bloc protest against CEC on Tuesday |

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों ने बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा है। यह कदम 6 अक्टूबर को 'इंडिया' गठबंधन के विरोध प्रदर्शन और चुनाव आयोग के साथ तकरार के बाद उठाया गया है।

राष्ट्रपति से मिलने की कवायद

सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा। यह कदम 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के नेताओं द्वारा 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद उठाया गया है।

इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रीय राजधानी में दोपहर 1 बजे विपक्षी सांसदों को लंच मीटिंग के लिए बुलाया है। सूत्रों के मुताबिक, इस मीटिंग में सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मिलने का समय मांगने वाले एक पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे।

'लोकतंत्र बचाओ' अभियान और प्रदर्शन

'इंडिया' गठबंधन इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से जवाब मांग रहा है और उसने चुनाव आयोग पर अपनी चिंताओं को दूर न कर पाने का आरोप लगाया है। विपक्ष का यह विरोध प्रदर्शन उनके बड़े "लोकतंत्र बचाओ" अभियान का हिस्सा था। इससे पहले मंगलवार को, 'इंडिया' गठबंधन की कई पार्टियों के नेताओं ने निर्वाचन सदन की ओर मार्च किया था, लेकिन उन्हें बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया गया था।

विरोध प्रदर्शन के बाद आकाशवाणी भवन में धरना दिया गया, जहां लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्ष के करीब 300 सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलकर अपनी चिंताएं बताना चाहते थे। बाद में दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी ने विरोध प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा कि विपक्ष सिर्फ चुनाव आयुक्तों से मिलकर वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण (इलेक्टोरल रोल रिवीजन) के बारे में सवाल पूछना चाहता था।

निर्वाचन आयोग का स्पष्टीकरण

विरोध प्रदर्शन के बाद, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने स्पष्ट किया कि शाम 4 बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने चुनाव आयोग से मिलने का समय नहीं मांगा था। एक बयान में ECI ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने शाम करीब 4 बजे उसे सूचित किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में लगभग 240 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहता है और संसद भवन एनेक्सी में ज्ञापन सौंपना चाहता है।

चुनाव आयोग ने कहा कि उसने अपने तय प्रोटोकॉल को देखते हुए मीटिंग के लिए प्रस्तावित जगह और मीटिंग मांगने के तरीके को "असामान्य" माना। चुनाव आयोग ने कहा कि बाद में उसने विपक्षी सांसदों से ज्ञापन लेने के लिए अपने सबसे वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी को उस जगह भेजने पर विचार किया, लेकिन इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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