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चीन को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला

चीन को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, पवन खेड़ा ने बॉर्डर और व्यापार नीति पर उठाए सवाल

पवन खेड़ा ने चीन नीति, सीमा पर पेट्रोलिंग और बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। वहीं, जयराम रमेश ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ पर सरकार की चुप्पी को लेकर निशाना साधा।

चीन को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला पवन खेड़ा ने बॉर्डर और व्यापार नीति पर उठाए सवाल

चीन को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला |

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को केंद्र पर भारत के हितों को चीन के सामने सरेंडर करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि बीजिंग के प्रति उसके रवैये से देश को क्या मिला और क्या भारतीय सेना उन इलाकों में गश्त कर सकती है, जहां वे अप्रैल 2020 से पहले पहुंच गए थे। राष्ट्रीय राजधानी में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, खेड़ा ने केंद्र से बॉर्डर पर तनाव, व्यापार संबंधों, वीजा पाबंदियों और भारत में चीनी वर्कर्स की एंट्री पर सवाल किए।

पेट्रोलिंग, ट्रेड डेफिसिट और वीज़ा नीति को लेकर सरकार पर निशाना

उन्होंने कहा, "हमें क्या मिला? एंटी से हमें क्या स्टेटस मिला? क्या हम आज उन पॉइंट्स पर पेट्रोलिंग कर सकते हैं, जहां हम अप्रैल 2020 से पहले पेट्रोलिंग करते थे, या नहीं? इस सब के बदले में क्या आपको कुछ नहीं लेना चाहिए था? या आपने बस उनकी वो छोटी सी बात मान ली—कि, सर, वे आपके सीक्रेट्स छिपाकर रखेंगे, आप टूटते रहेंगे, आप अपने देश के MSME को बर्बाद कर देंगे। आप वही करेंगे जो चीन चाहेगा, क्योंकि आप चीन से डरते हैं। सिर्फ इसलिए कि आप चीन से डरते हैं, आप भारत के हितों को चीन के सामने सरेंडर करते रहेंगे। चाहे वो प्रेस नोट 3 हो, चाहे वो ट्रैवल रिस्ट्रिक्शन्स हों जिन्हें आपने हटाया है। चाहे वो ट्रेड डेफिसिट हो जो 99 बिलियन डॉलर से बढ़कर 112 बिलियन डॉलर हो गया है, चाहे वो वीज़ा हों जिन पर रोक थी और आपने अचानक फिर से चीनी वर्कर्स के यहां आने, चीनी ऑफिसर्स के यहां आने के लिए वीज़ा बढ़ा दिए हैं। इससे भारत को क्या होगा? इस सरेंडर से हमें क्या मिला है?

अरुणाचल में चीनी घुसपैठ के आरोपों पर खेड़ा ने केंद्र को घेरा

अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ की खबरों पर चिंता जताते हुए, खेड़ा ने केंद्र के इस दावे पर सवाल उठाया कि हालात नॉर्मल हैं और सोशल मीडिया पर लोगों की अपील का ज़िक्र किया। कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि भारत चीन और अमेरिका के दबाव का सामना कर रहा है और दावा किया कि केंद्र देश के हितों की ठीक से रक्षा नहीं कर रहा है। हर दिन आप सुनते हैं कि चीन अरुणाचल में घुस गया है, वहां के लोग सोशल मीडिया की मदद ले रहे हैं, वहां के लोकल गांव के लोग इमोशनल अपील कर रहे हैं। फिर हमारे मंत्री कहते हैं, सर, मैं नदी में कूदकर तैर रहा हूं, यहां सब नॉर्मल है। यह क्या नॉर्मल है? यह बिल्कुल भी नॉर्मल नहीं है!

पवन खेड़ा ने शहीदों के परिवारों का मुद्दा उठाया

ITBP के DG से कहो कि सब नॉर्मल है। उन 20 परिवारों से कहो कि सब नॉर्मल है, जिनके लोग शहीद हुए। उन परिवारों की क्या हालत है? क्या किसी के पास कोई खबर है? क्या किसी ने उन परिवारों के बारे में पूछा है? पवन खेड़ा ने टनल बोरिंग मशीनों का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि चीन ने एक जर्मन कंपनी को भारत में ऐसी मशीनें भेजने से रोक दिया था, जिससे देश को नुकसान हुआ। उन्होंने कहा, मजबूत देश, देश के लोग आपके साथ थे। मैं था, मैं जान-बूझकर कह रहा हूं, अब नहीं हूं। देश का सैनिक बहादुर है, शहादत से नहीं डरता। फिर आप क्यों डरे हुए हैं? इसीलिए हम कहते हैं कि यह राज ज़्यादा दिन राज नहीं रहेगा। दूसरी तरफ, एपस्टीन ब्लैकमेल करता है। 

केंद्र की चीन नीति पर उठाए सवाल

एपस्टीन की फाइलों से ब्लैकमेल होता है, इसलिए अमेरिका के सामने सरेंडर करता है। हर जगह आपको ब्लैकमेल होते देखा जा रहा है। उनकी जो भी शर्तें थीं, हमने रखीं। मैंने वो शर्तें आपके सामने रखीं। एक टनल बोरिंग मशीन है, TBM। पूरी दुनिया में 70% टनल बोरिंग मशीनें चीन में बनती हैं। एक जर्मन कंपनी टनल बोरिंग मशीनें बना रही थी। भारत को उन्हें खरीदना पड़ा। चीन ने अपनी फैक्ट्री को भारत भेजने से रोक दिया। अनऑफिशियली, सबसे पहले कि हम टनल बोरिंग मशीनें नहीं जाने देंगे, रोक दिया, जिससे भारत को नुकसान हुआ। इससे पहले दिन में कांग्रेस MP जयराम रमेश ने भी केंद्र पर चीन को छूट देने और बॉर्डर पर तनाव पर चुप रहने का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने अरुणाचल प्रदेश में पेट्रोलिंग पॉइंट खो दिए हैं।

अरुणाचल में चीनी सेना से झड़प का मुद्दा उठा

रमेश ने कहा कि इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के डायरेक्टर जनरल ने अरुणाचल प्रदेश में पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के साथ हाल ही में हुई झड़प के दौरान फोर्स के परफॉर्मेंस की तारीफ की थी, जबकि उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और उनकी सरकार इस मुद्दे पर चुप रही। X पर एक पोस्ट में रमेश ने लिखा, जबकि खुद को विश्वगुरु कहने वाले लोग चीन को सोची-समझी छूट दे रहे हैं, ITBP के DG ने अरुणाचल प्रदेश में PLA के साथ हाल ही में हुई झड़पों में इसके परफॉर्मेंस की तारीफ की है- और यह सही भी है, जिस पर प्रधानमंत्री और उनकी सरकार ने गहरी चुप्पी साध रखी है।

(इनपुट: ANI)

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