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18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का संबोधन

भारतीय सभ्यता में प्रकृति को माँ का दर्जा दिया गया है: BRICS समिट में PM मोदी

पीएम मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने लचीलेपन, नवाचार और स्थिरता पर जोर दिया।

भारतीय सभ्यता में प्रकृति को माँ का दर्जा दिया गया है brics समिट में pm मोदी

PM Modi Highlights India's BRICS Priorities at 18th Summit in New Delhi |

नई दिल्ली (भारत)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत की अध्यक्षता की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने प्रकृति और स्थिरता के प्रति भारत के सभ्यतागत दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को मां का दर्जा दिया गया है। सत्र के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सदियों से हमारा विश्वास रहा है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विकल्प नहीं बल्कि पूरक हैं। मानव विकास और पर्यावरण के बीच यह संतुलन भविष्य की पीढ़ियों के प्रति हमारी बड़ी जिम्मेदारी है।

स्थिरता और कृषि के क्षेत्र में भारत के प्रयास

स्थिरता के स्तंभ पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा भंडारण के लिए ब्रिक्स डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की गई है। यह पहल स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों को अधिक विश्वसनीय और सुलभ बनाएगी। इसके अलावा कृषि-पारिस्थितिकी और पुनर्योजी कृषि के लिए बनाए गए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़ेंगे। समुदाय-आधारित जलवायु अनुकूलन के लिए विकसित सिद्धांत स्वदेशी ज्ञान को जलवायु कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण आधार बनाएंगे।

लचीलेपन और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर जोर

बढ़ते वैश्विक तनाव और आपदाओं का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी संकट किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता है। उन्होंने चुनौतियों की समय पर पहचान और तुरंत कार्रवाई के महत्व को रेखांकित किया। संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए 'ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम' और 'ब्रिक्स लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन कोऑपरेशन फ्रेमवर्क' जैसी पहलों से आपूर्ति श्रृंखला को अधिक विश्वसनीय और लचीला बनाया जाएगा।

नवाचार और डिजिटल कृषि के लिए नए अवसर

नवाचार के क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क और 'ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड' के प्रस्ताव का जिक्र किया जो स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देंगे। डिजिटल कृषि के मोर्चे पर उन्होंने कहा कि एआई, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को किसानों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ा जाएगा। साथ ही उन्होंने प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों के हथियार के रूप में इस्तेमाल के खिलाफ आगाह करते हुए समावेशिता पर जोर दिया।

ग्लोबल साउथ की उम्मीदों और विविधता पर संदेश

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स सहयोग केवल सरकारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें उद्यमी, किसान, युवा और महिलाएं भी शामिल हुए हैं। उन्होंने 'ब्रिक्स एमएसएमई सहयोग पोर्टल' और 'ब्रिक्स अर्बन मोबिलिटी हब' की उपयोगिता बताई। ग्लोबल साउथ के देशों का ब्रिक्स पर भरोसा बढ़ा है क्योंकि उनके अनुभवों का सम्मान किया जाता है। अंत में उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की असली ताकत इसकी विविधता और आपसी सहयोग में निहित है। (Source: ANI)

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