प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनका आज सुबह निधन हो गया।
नई दिल्ली [भारत]: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनका आज सुबह निधन हो गया। यशोभूमि में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण के दौरान बोलते हुए, पीएम मोदी ने पाटेकर के करियर को याद किया और कहा कि अभिनेता ने अपने द्वारा निभाए गए विभिन्न किरदारों से दर्शकों का दिल जीत लिया था। उन्होंने उन्हें एक "असाधारण कलाकार" बताया, जिन्होंने अपना जीवन सिनेमा को समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा, "वे एक असाधारण कलाकार थे जिन्होंने अपने द्वारा निभाए गए विविध किरदारों के माध्यम से दर्शकों का दिल जीता।"
‘सिनेमा के आकाश में स्वतंत्र रूप से उड़ान भरते रहे’
पीएम मोदी ने पाटेकर के अभिनय और सिनेमा के प्रति दृष्टिकोण के बारे में भी बात की और कहा कि उन्होंने खुद को कभी किसी एक प्रकार की भूमिका तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने अभिनेता को सिनेमा की दुनिया में "स्वतंत्र रूप से उड़ान भरने वाले" व्यक्ति के रूप में वर्णित किया। पीएम मोदी ने कहा, "नाना पाटेकर जी ने अपना जीवन सिनेमा की कला और शिल्प को समर्पित कर दिया। उन्होंने खुद को कभी सीमाओं में बंधने नहीं दिया; एक पक्षी की तरह, वे सिनेमा के आकाश में स्वतंत्र रूप से उड़ान भरते रहे।"
सामाजिक मुद्दों पर भी मुखर रहे नाना पाटेकर
मनोरंजन से परे पाटेकर के कार्यों को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि अभिनेता ने अपनी फिल्मों का उपयोग समाज से संबंधित मुद्दों को उठाने के लिए किया। उन्होंने नाना पाटेकर को सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाने वाला एक “क्रांतिकारी” बताया और कहा कि उनके शब्दों का गहरा प्रभाव पड़ा। उन्होंने कहा, “अपनी फिल्मों के माध्यम से उन्होंने समाज में व्याप्त अन्याय और कमियों को सशक्त रूप से चुनौती दी। वे अपने तरीके से एक क्रांतिकारी थे, जिन्होंने सामाजिक बुराइयों के खिलाफ काम किया। उनके शब्द जितने शक्तिशाली थे, उनकी चुप्पी उतनी ही प्रभावशाली थी। वे राष्ट्र विरोधी ताकतों के खिलाफ दृढ़ रुख अपनाने के लिए हमेशा खड़े रहे।”
पीएम मोदी ने परिवार और प्रशंसकों के प्रति जताई संवेदना
उन्होंने आगे कहा, “मैं नाना पाटेकर जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवार, मित्रों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।” मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने एएनआई को फोन पर बताया कि अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 5.20 बजे हृदय गति रुकने से निधन हो गया। डॉ. सालकर के अनुसार, पाटेकर को उनके आवास पर हृदय गति रुकी। 45 मिनट तक सीपीआर दिया गया, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उनकी हृदय गति रुकी रही। डॉक्टर ने बताया कि चिकित्सा-कानूनी मामला पूरा हो चुका है, जबकि पोस्टमार्टम होना बाकी है।
‘गमन’ से शुरू हुआ था फिल्मी सफर
पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के प्रमुख नामों में से एक थे। उन्होंने 1978 में फिल्म 'गमन' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और 'परिंदा', 'प्रहार', 'अंगार', 'क्रांतिवीर', 'तिरंगा', 'खामोशी' और 'अब तक छप्पन' जैसी फिल्मों के लिए खूब प्रशंसा बटोरी। हाल के वर्षों में भी वे फिल्मों में काम करते रहे। पाटेकर 'हाउसफुल 5' का हिस्सा थे, जिसमें अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन, रितेश देशमुख और अन्य कलाकार थे। 75 वर्षीय अभिनेता ने विशाल भारद्वाज की फिल्म 'ओ'रोमियो' में एक पुलिस अधिकारी की भूमिका भी निभाई थी, जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिका में थे। उन्होंने अनिल कपूर और राधिका मदान अभिनीत फिल्म 'सूबेदार' में भी एक छोटी भूमिका निभाई थी।
(एएनआई)
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