PM Modi : पीएम मोदी ने शनिवार को राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्यअंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी..
PM Modi : पीएम मोदी ने शनिवार को राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्य अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी 'द लाइट एंड द लोटस रेलिक्स ऑफ द अवेकन्ड वन' का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि यहां आने से पहले मैंने इस ऐतिहासिक प्रदर्शनी को देखा. भगवान बुद्ध के पवित्र रेलिक्स को अपने बीच पाकर हम सभी धन्य हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि इनका भारत से बाहर जाना और लौट कर फिर भारत आना ये दोनों ही पड़ाव अपने आप में बहुत बड़ा सबक है. सबक ये है कि गुलामी सिर्फ आर्थिक और राजनीतिक नहीं होती. गुलामी हमारी विरासत को भी तबाह कर देती है. भगवान बुद्ध के पवित्र रेलिक्स के साथ भी यही हुआ. इन्हें भारत से छीना गया.

पीएम मोदी ने कहा कि लगभग 125 साल तक ये देश से बाहर ही रहे. भगवान बुद्ध का ज्ञान, उनका दिखाया मार्ग पूरी मानवता के लिए है. ये समय में बंधा हुआ नहीं है.
'भगवान बुद्ध का मेरे जीवन में बहुत ही गहरा स्थान'
उन्होंने कहा कि मेरे लिए भी सौभाग्य है कि 2026 का मेरा पहला सार्वजनिक कार्यक्रम भगवान बुद्ध के चरणों से शुरू हो रहा है. मेरी कामना है कि भगवान बुद्ध के आशीर्वाद से 2026 दुनिया के लिए शांति, समृद्धि और सद्भाव का नया दौर लेकर आए. मैं खुद को बहुत भाग्यशाली समझता हूं, क्योंकि भगवान बुद्ध का मेरे जीवन में बहुत ही गहरा स्थान रहा है. मेरा जन्म जिस वडनगर में हुआ, वो बौद्ध शिक्षा का बहुत बड़ा केंद्र था. जिस भूमि पर भगवान बुद्ध ने अपने प्रथम उपदेश दिए, सारनाथ आज मेरी कर्मभूमि है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब मैं सरकार के दायित्वों से दूर था, तब भी मैं एक तीर्थयात्री के रूप में बौद्ध तीर्थस्थलों की यात्रा करता रहता था. प्रधानमंत्री के रूप में तो मुझे दुनियाभर में बौद्ध तीर्थों में जाने का सौभाग्य मिला है. पवित्र मायादेवी मंदिर में नतमस्तक होना, अपने आप में अद्भुत अनुभव था. जापान में तो-जी मंदिर और किंकाकु-जी में मैंने महसूस किया कि बुद्ध का संदेश समय की सीमाओं से आगे है.
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