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PM मोदी बोले - आक्रांता आते रहे, लेकिन..

आक्रांता आते रहे, लेकिन हर युग में सोमनाथ फिर से खड़ा हुआ : PM मोदी

PM Modi : पीएम मोदी शनिवार को गुजरात के सोमनाथ मंदिर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि हमारे धर्म के प्रति ईमानदार कोई भी व्यक्ति ऐसी कट्टरपंथी सोच का..

आक्रांता आते रहे लेकिन हर युग में सोमनाथ फिर से खड़ा हुआ  pm मोदी

आक्रांता आते रहे, लेकिन हर युग में सोमनाथ फिर से खड़ा हुआ : PM मोदी |

PM Modi : पीएम मोदी शनिवार को गुजरात के सोमनाथ मंदिर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि हमारे धर्म के प्रति ईमानदार कोई भी व्यक्ति ऐसी कट्टरपंथी सोच का समर्थन नहीं करेगा, लेकिन तुष्टीकरण के ठेकेदारों ने हमेशा इस कट्टरपंथी सोच के आगे घुटने टेके, जब भारत गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हुआ, जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निमाण की शपथ ली तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई. 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 1951 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के यहां आने पर भी आपत्ति जताई गई. आज भी हमारे देश में वह ताकतें मौजूद और पूरी तरह सक्रिय हैं, जिन्होंने सोमनाथ पुनर्निमाण का विरोध किया. आज तलवारों की जगह दूसरे कुच्छित तरीके से भारत के खिलाफ षड्यंत्र हो रहे हैं, इसलिए हमें ज्यादा सावधान रहना है, हमें खुद को शक्तिशाली बनाना है, हमें एकजुट रहना है.

दुर्भाग्य से आज़ादी के बाद गुलामी की मानसिकता : पीएम मोदी 

पीएम मोदी ने कहा कि अगर किसी देश के पास 100 साल पुरानी विरासत होती है तो वह देश उसे अपनी पहचान बनाकर दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है, वहीं भारत के पास सोमनाथ जैसे हजारों साल पुराने पुण्यस्थान हैं, लेकिन दुर्भाग्य से आज़ादी के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने उनसे पल्ला झाड़ने की कोशिश की, उस इतिहास को भूलाने के प्रयास हुए. हम जानते हैं कि सोमनाथ की रक्षा के लिए देश ने कैसे-कैसे बलिदान दिए थे?

'नायकों का इतिहास सोमनाथ मंदिर से जुड़ा'

उन्होंने कहा कि कितने ही नायकों का इतिहास सोमनाथ मंदिर से जुड़ा है, लेकिन दुर्भाग्य से इसे कभी उतना महत्व नहीं दिया गया, बल्कि आक्रमण के इतिहास को भी कुछ इतिहासकारों द्वारा व्हाइटवॉश करने की कोशिश की गई. यह समयचक्र है, सोमनाथ को ध्वस्त करने की मंशा लेकर आए मज़हबी आक्रांता आज इतिहास के कुछ पन्नों में सिमट कर रह गए हैं और सोमनाथ मंदिर उसी विशाल समुद्र के किनारे गगनचुंबी धर्मध्वजा को थामे खड़ा है.

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