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विदेशी फंडिंग विवाद पर सियासी घमासान

प्रियंक खड़गे का पीएम मोदी को चैलेंज, राहुल गांधी के साथ हो खुली बहस, मोहन भागवत करें मॉडरेशन

कांग्रेस पर विदेशी फंडिंग के आरोपों पर प्रियंक खड़गे ने बीजेपी पर साधा निशाना, पीएम मोदी को मोहन भागवत की मध्यस्थता में राहुल गांधी संग खुली बहस की दी चुनौती।

प्रियंक खड़गे का पीएम मोदी को चैलेंज राहुल गांधी के साथ हो खुली बहस मोहन भागवत करें मॉडरेशन

Karnataka Home Minister Priyank Kharge |

बेंगलुरु (कर्नाटक)। कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने कांग्रेस पर लगे विदेशी फंडिंग के आरोपों को लेकर बीजेपी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दी कि वे इन आरोपों पर राहुल गांधी के साथ एक खुली बहस में शामिल हों, जिसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मॉडरेटर की भूमिका निभाएं।

सबूत कहां हैं? खड़गे ने गृह मंत्री और खुफिया एजेंसियों की क्षमता पर उठाए सवाल

बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रियंक खड़गे ने कहा कि बीजेपी और गृह मंत्री बिना किसी सबूत के कांग्रेस पर विदेशी फंडिंग के आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह दावा सच है तो सरकार एक भी दस्तावेज या सबूत पेश क्यों नहीं कर पा रही है। 

खड़गे ने कहा, "अगर गृह मंत्री समेत पूरी बीजेपी कह रही है कि कांग्रेस को विदेशी एजेंसियों से पैसा मिल रहा है और वे एक कागज का टुकड़ा भी सबूत के तौर पर नहीं दे पा रहे, तो यह अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रॉ (RAW) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और रॉ आखिर क्या कर रहे हैं? किस आधार पर ऐसे बयान दिए जा रहे हैं?"

मोहन भागवत बनें मॉडरेटर, देश के सामने हो खुली बहस

राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री को दी गई डिबेट की चुनौती का समर्थन करते हुए खड़गे ने सुझाव दिया कि यह बहस कांग्रेस, बीजेपी और आरएसएस—तीनों संगठनों को मिलने वाली विदेशी फंडिंग पर होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने खुले तौर पर चुनौती दी है कि 'कृपया हमारा पर्दाफाश करें। आइए बहस करते हैं कि किसे विदेशी फंडिंग मिल रही है—चाहे वह कांग्रेस हो, बीजेपी हो या आरएसएस।' और इसके मॉडरेटर मोहन भागवत जी बनें। जनता और स्वतंत्र मीडिया के सामने खुली बहस हो, फिर देखते हैं पीएम मोदी अपने बयानों को कैसे सही ठहराते हैं।"

बीजेपी का पलटवार: तरुण चुघ बोले- राहुल का राजनीतिक रिकॉर्ड शून्य

दूसरी ओर, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद तरुण चुघ ने राहुल गांधी की इस चुनौती पर पलटवार करते हुए उन पर संसद से भागने का आरोप लगाया।

चुघ ने कहा, "राहुल गांधी, आप संसद के भीतर बहस करने की हिम्मत नहीं रखते। आपके पास बोलने के लिए तथ्य और शब्द ही नहीं हैं। आपका राजनीतिक रिकॉर्ड शून्य है। लगातार 100 चुनाव हारने के बाद भी आपका रवैया ऐसा है कि जनता आपको अगले 100 चुनावों में भी हराने को तैयार है। आप कभी ईवीएम को दोष देते हैं तो कभी चुनाव आयोग को।"

चुघ ने राहुल गांधी पर देश की संवैधानिक संस्थाओं और न्याय प्रणाली को बदनाम करने का षड्यंत्र रचने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की छवि संसद से भागने वाले नेता की बन चुकी है।

सोशल मीडिया पर राहुल गांधी ने शुरू किया पोल

यह पूरा विवाद तब और बढ़ गया जब राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोल जारी कर युवाओं से पूछा कि क्या वे पीएम मोदी और उनके बीच आमने-सामने की खुली बहस देखना चाहते हैं। 

राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए लिखा, "आप हमेशा प्रधानमंत्री का भला चाहते हैं, कृपया उन्हें इस बहस के लिए राजी करें।" इस पोल में दो विकल्प दिए गए थे—'हां - मोदी जी, डरो मत' और 'नहीं - मोदी जी, डर गए'।
(इनपुट: ANI)

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