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नेताजी की अस्थियां भारत लाने की मांग

नेताजी की अस्थियां भारत लाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस, बेटी अनीता फाफ की याचिका

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अस्थियां जापान से भारत लाने की मांग वाली बेटी अनीता फाफ की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा।

नेताजी की अस्थियां भारत लाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस बेटी अनीता फाफ की याचिका

SC Notice to Centre on Netaji's Daughter's Plea to Bring Ashes to India |

नई दिल्ली (भारत)। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार को एक नोटिस जारी किया। यह नोटिस नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 80 से ज्यादा उम्र की बेटी अनीता फाफ की याचिका पर जारी किया गया, जिसमें सरकार से जापान के रेनकोजी मंदिर से उनकी अस्थियां वापस लाने का निर्देश देने की मांग की गई थी।

CJI की बेंच ने केंद्र सरकार से मांगा याचिका पर जवाब

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की बेंच ने जिसमें जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल थे। इस याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। ऑस्ट्रियाई-जर्मन अर्थशास्त्री फाफ की ओर से पेश हुए सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने बेंच को बताया कि नेताजी की बेटी ने कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है।

अनीता फाफ ने रेनकोजी मंदिर से अस्थियां वापस लाने की मांग दोहराई

फाफ ने कहा कि भारत सरकार रेनकोजी मंदिर में रखी नेताजी की अस्थियों को भारत वापस लाने के लिए कोई अंतिम, ठोस और समय-सीमा वाला फैसला लेने में लंबे समय से नाकाम रही है। फाफ ने नेताजी की अस्थियों को भारत वापस लाने की मांग की, ताकि उनकी एकमात्र जीवित सीधी वंशज सम्मान और उचित तरीके से उनका अंतिम संस्कार कर सकें। वह लगातार भारत सरकार से टोक्यो के रेनकोजी मंदिर से नेताजी की अस्थियां वापस लाने की अपील कर रही हैं, जहां उन्हें 1945 से रखा गया है।

नेताजी के अंतिम संस्कार के लिए अस्थियां भारत लाने पर जोर

फाफ ने तर्क दिया है कि उचित और सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए अस्थियों को भारत वापस लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब उस स्थिति को खत्म करने का समय आ गया है जिसे उन्होंने नेताजी का लंबा "निर्वासन" (exile) बताया है।
उन्होंने मांग की कि या तो भारत सरकार नेताजी की अस्थियां वापस लाए या फिर, विकल्प के तौर पर, "उन्हें अस्थियां वापस लाने में मदद करे"। जनवरी 2026 में नेताजी की 129वीं जयंती पर उन्होंने अपनी अपील दोहराई और बताया कि उन्होंने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अस्थियां वापस लाने में सरकार से दखल देने की मांग की थी। (Source: ANI)

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