शशि थरूर ने इंदिरा गांधी की 42वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया। उन्होंने छात्र जीवन में उनसे मुलाकात और इंटरव्यू के अनुभव साझा किए।
नई दिल्ली (भारत)। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की 42वीं बरसी पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने इंदिरा गांधी के साथ अपनी मुलाकातों और उनसे हुई बातचीत के अनुभव साझा किए। थरूर ने कहा कि वर्ष 1984 में उनकी हत्या उनके लिए एक गहरा व्यक्तिगत आघात थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट कर इंदिरा गांधी से जुड़ी कई पुरानी यादों को साझा किया।
छात्र जीवन में पहली बार इंदिरा गांधी से मिले थे थरूर
शशि थरूर ने अपनी पोस्ट में बताया कि वर्ष 1974 में सेंट स्टीफंस कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में उनकी पहली मुलाकात इंदिरा गांधी से हुई थी। इसके बाद 1975 की शुरुआत में उन्होंने एक स्विस युवा पत्रिका के लिए इंदिरा गांधी का इंटरव्यू लिया था। वर्ष 1977 में चुनाव हारने के बाद भी उन्होंने उनसे मुलाकात की। इस दौरान थरूर ने अपनी डॉक्टरेट थीसिस के लिए इंदिरा गांधी की विदेश नीति पर दो बार विस्तार से इंटरव्यू किया था।
इमरजेंसी के विरोध के बावजूद हत्या को बताया व्यक्तिगत आघात
इंदिरा गांधी की हत्या को याद करते हुए थरूर ने कहा कि वे आपातकाल और उनके शासनकाल के दौरान हुई तानाशाहीपूर्ण ज्यादतियों के कड़े विरोधी थे। इसके बावजूद वर्ष 1984 में उनकी हत्या ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था। उन्होंने लिखा, "आपातकाल और उनके शासनकाल की तानाशाहीपूर्ण ज्यादतियों के कड़े विरोध के बावजूद, 1984 में उनकी दुखद हत्या मेरे लिए एक गहरा व्यक्तिगत आघात थी।"
थरूर ने आगे कहा कि इस घटना से भारतीय लोकतंत्र ने एक बहुत अहम चीज खो दी। उनके मुताबिक, देश के प्रधानमंत्री का राजनीतिक भविष्य मतपत्रों के बजाय गोलियों से तय हुआ।
1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
शशि थरूर ने इंदिरा गांधी के राजनीतिक जीवन में वर्ष 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने इसे उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पल बताया। थरूर के अनुसार, इस युद्ध के दौरान इंदिरा गांधी ने नैतिक स्पष्टता के साथ काम किया और लाखों लोगों को आजादी दिलाई। उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े शरणार्थी संकट को समाप्त करने और उपमहाद्वीप का नक्शा बदलने में उनकी भूमिका का उल्लेख किया।
1966 से 1984 तक दो बार रहीं देश की प्रधानमंत्री
इंदिरा गांधी भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। उन्होंने वर्ष 1966 से 1977 तक और फिर 1980 से 31 अक्टूबर 1984 तक देश की प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। उनका जन्म 19 नवंबर 1917 को हुआ था। वे भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की बेटी थीं। 31 अक्टूबर 1984 को नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर उनके ही दो अंगरक्षकों ने उनकी हत्या कर दी थी। उनकी पुण्यतिथि पर हर साल देश के राजनीतिक इतिहास में उनके योगदान को याद किया जाता है।
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