लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक में 20 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
कैबिनेट बैठक में 20 प्रस्तावों को मंजूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक में 20 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। कैबिनेट बैठक में विश्वकप जीतने पर महिला क्रिकेट टीम को बधाई दी गई और दिल्ली की आतंकी घटना की निंदा की गई है। कैबिनेट में आज मंजूर हुए महत्वपूर्ण प्रस्तावों में वृद्धावस्था पेंशन और लेखपाल सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई। योगी कैबिनेट द्वारा लिये गये निर्णय के बाद अब पात्र वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धावस्था पेंशन के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि फैमिली आईडी ‘एक परिवार-एक पहचान’ प्रणाली से पात्र लाभार्थियों का स्वतः चिन्हीकरण होगा और उनकी सहमति मिलने पर पेंशन सीधे स्वीकृत की जाएगी। समाज कल्याण विभाग काल सेंटर के माध्यम से बुजुर्गों को फ़ोन कर उनकी सहमति लेगा और फिर कॉमन सर्विस सेंटर की मदद से ऑनलाइन फॉर्म भरकर आवेदन कराया जाएगा। अभी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पाँच जिलों हरदोई, गाजियाबाद, गोरखपुर, कन्नौज और ललितपुर में शुरू करने की तैयारी है। फिर इसे आगे बढ़ाया जाएगा। अभी 67.50 लाख वरिष्ठ नागरिक इस योजना का लाभ ले रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जो प्रक्रिया पूरी न कर पाने के कारण पेंशन से बाहर रह जाते हैं। नया फैसला इसी समस्या को हल करने पर केंद्रित है।
वृद्धावस्था पेंशन अब घर बैठे मिलेगी
उन्होंने बताया कि सहमति मिलने के बाद योजना अधिकारी 15 दिनों के भीतर डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से पेंशन स्वीकृत करेंगे और स्वीकृति पत्र लाभार्थी को डाक से भेजा जाएगा। भुगतान सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा और हर किस्त की जानकारी एसएमएस द्वारा उपलब्ध होगी। सरकार एक मोबाइल ऐप भी उपलब्ध कराएगी, जिसमें लाभार्थी पासबुक की तरह अपने सभी भुगतान देख सकेंगे। बैठक में राजस्व विभाग में कानूनगो के चपरासी (चैन मैन) को लेखपाल के पद पर पदोन्नति देने के लिए उप्र लेखपाल सेवा नियमावली (पंचम संशोधन) 2025 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत विभाग में दो फीसदी आरक्षण देने के साथ ही लेखपाल पद पर प्रमोशन को मंजूरी दे दी गई है। बैठक में न्यायिक सेवा से जुड़े दो प्रस्तावों को सहमति दी गई है। बैठक में अपर निजी सचिव के 156 पदों पर निजी सचिव के ग्रेड वन पर प्रमोट करने पर सहमति बनी। इससे सरकार पर 10 करोड़ रुपये का सालाना का व्यय भार पड़ेगा। वहीं, एक अन्य प्रस्ताव में उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों को कार खरीदने के लिए सरकार की ओर से अधिक कर्ज देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। कैबिनेट में मंजूर अन्य प्रस्तावों में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपर निजी सचिव के 156 पदों का निजी सचिव ग्रेड 1 के पदों पर किए गए उच्चीकरण एवं निजी सचिव संवर्ग के 446 पदों में विभाजन का प्रस्ताव भी पास हो गया है। ग्रेटर नोएडा से बलिया तक आठ लेन एक्सप्रेसवे परियोजना का कार्य अब उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के जरिए किया जाएगा। आबकारी विभाग का पेय प्रयोजनार्थ एक्सट्रा न्यूट्रल अल्कोहल पर विशेष परमिट फीस लगाने का प्रस्ताव भी लाया गया।
योगी कैबिनेट ने नोएडा के जेपी ग्रुप को दिया गया नोएडा से बलिया तक के आठ लेन एक्सप्रेसवे बनाने का अनुबंध रद्दकर दिया। राज्य सरकार ने बसपा सरकार में वर्ष 23 मार्च 2008 को यूपीडा और जेपी गंगा इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच हुए समझौते को रद्द कर दिया है। सरकार इसके लिए जेपी गंगा इंफ्रास्ट्रक्चर को 3. 26 करोड़ रुपये लौटाएगी। यह राशि भूमि अधिग्रहण के लिए जमा की गई 25.96 करोड़ रुपये की धनराशि में से बच गई थी।
कैबिनेट में अन्य प्रमुख प्रस्ताव -
- -अब सात मीटर चौड़ी सड़क पर बन सकेंगे "प्लेज पार्क"। अभी तक कम से कम 12 मीटर चौड़ी सड़क जरूरी थी।
- -अब सात मीटर और 1.5 मीटर का पेवमेट भी शामिल होगा।
- -न्यायिक सेवा के अधिकारियों को कार खरीदने के लिए सस्ती दर पर मिलेगा लोन।
- -अब दो लाख तक के किरायेदारी के करारनामे के लिए देनी होगी ₹ 500 स्टांप फीस।
- -शाहजहांपुर में बनेगा निजी विश्वविद्यालय।
- -बागपत में मेडिकल कालेज के लिए निशुल्क भूमि स्थानांतरण का प्रस्ताव मंजूर।
- -लेखपाल के पद पर दो फीसदी योग्य कर्मचारियों की हो सकेगी प्रोन्नति।
- -गन्ना मूल्य को कैबिनेट की मंजूरी, अगेती जाति के लिए 400 रुपये एसएपी तय।
- -उत्तर प्रदेश दुकान और वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम अब पूरे राज्य में लागू होगा।
- -इसे 20 अथवा 20 से अधिक कर्मचारों की नियुक्ति करने वाले संस्थानों पर लागू किया जाता है।
- -अभी तय यह सिर्फ नगरीय सीमा में लागू होता था अब इसे संपूर्ण राज्य में कर दिया गया है। पत्ति विभाग की ओर से नीलाम किए गए 14 वाहनों की जगह 14 नए वाहन खरीदे जाने का प्रस्ताव है।
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